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Delhi News: पटाखों से नहीं, मिट्टी के दीयों से दिवाली मनाएंगे छात्र
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पटाखों से नहीं, मिट्टी के दीयों से दिवाली मनाएंगे छात्र
शिक्षा निदेशालय ने जारी किया सर्कुलर, स्कूल चलाएंगे जागरूकता अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण को मद्देनजर रखते हुए दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने छात्रों को पटाखों की जगह दीये से दिवाली मनाने की सलाह दी है। इसके लिए सभी स्कूलों को एक सर्कुलर जारी किया है। इसमें स्कूल प्रशासन से कहा गया है कि वह तरह-तरह के अभियान चलाकर बच्चों को जागरूक करें कि इस बार पटाखों से दिवाली न मनाएं।
शिक्षा निदेशालय ने अपने परिपत्र में कहा है कि सभी स्कूल अपने छात्रों को 'पटाखों को ना कहने' के लिए प्रेरित करें। स्कूलों के प्रमुखों को पटाखों को जलाने के बजाय दिवाली और अन्य त्योहारों को अलग तरीके से मनाने के उपाय के बारे में बताया जाए। साथ ही इसकी जानकारी भी दी जाए कि पटाखे किस तरह उनकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। खासतौर से मौजूदा दौर मेंं, जब प्रदूषण का स्तर इस कदर है कि इसमें सांस लेना भी मुश्किल है।
एक स्कूल के प्रिंसिपल ने बताया कि शिक्षा निदेशालय ने इस बारे में एक्टिविटी आधारित कार्यक्रम चलाने की सलाह स्कूल प्रशासन को दी है। इसमें छात्रों को सीधे तौर पर जोड़ा जाए। छात्रों से भावनात्मक अपील कर उनके अभिभावकों तक इस अभियान का संदेश पहुंचाया जाएगा।
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शिक्षा निदेशालय ने जारी किया सर्कुलर, स्कूल चलाएंगे जागरूकता अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण को मद्देनजर रखते हुए दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने छात्रों को पटाखों की जगह दीये से दिवाली मनाने की सलाह दी है। इसके लिए सभी स्कूलों को एक सर्कुलर जारी किया है। इसमें स्कूल प्रशासन से कहा गया है कि वह तरह-तरह के अभियान चलाकर बच्चों को जागरूक करें कि इस बार पटाखों से दिवाली न मनाएं।
शिक्षा निदेशालय ने अपने परिपत्र में कहा है कि सभी स्कूल अपने छात्रों को 'पटाखों को ना कहने' के लिए प्रेरित करें। स्कूलों के प्रमुखों को पटाखों को जलाने के बजाय दिवाली और अन्य त्योहारों को अलग तरीके से मनाने के उपाय के बारे में बताया जाए। साथ ही इसकी जानकारी भी दी जाए कि पटाखे किस तरह उनकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। खासतौर से मौजूदा दौर मेंं, जब प्रदूषण का स्तर इस कदर है कि इसमें सांस लेना भी मुश्किल है।
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एक स्कूल के प्रिंसिपल ने बताया कि शिक्षा निदेशालय ने इस बारे में एक्टिविटी आधारित कार्यक्रम चलाने की सलाह स्कूल प्रशासन को दी है। इसमें छात्रों को सीधे तौर पर जोड़ा जाए। छात्रों से भावनात्मक अपील कर उनके अभिभावकों तक इस अभियान का संदेश पहुंचाया जाएगा।
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