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Delhi News: 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठेंगे सोनम वांगचुक
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सीजेपी का प्रदर्शन छठे दिन भी जारी, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक की घटनाओं पर जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन बृहस्पतिवार को छठे दिन भी जारी रहा। तेज धूप और उमस के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। इस बीच पर्यावरण कार्यकर्ता और लद्दाख के सामाजिक नेता सोनम वांगचुक ने प्रदर्शन को अपना समर्थन देते हुए एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार 27 जून तक जनता के सवालों पर जवाबदेही नहीं दिखाती है, तो वह 28 जून से जंतर मंतर पर भूख हड़ताल शुरू करेंगे। सोनम वांगचुक ने अपने संदेश में कहा कि लोकतंत्र में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जनता की चिंताओं को सुने और उनके प्रति जवाबदेह बने। उनके मुताबिक, लंबे समय से कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर लोग अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यह कदम किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच सार्थक संवाद स्थापित करने के लिए उठाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री के नाम भेजे पोस्टकार्ड
बृहस्पतिवार को प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के नाम पोस्टकार्ड अभियान भी चलाया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पोस्टकार्ड लिखकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। पोस्टकार्ड पर छात्रों और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने और पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग भी दर्ज कराई। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, यह उनकी आवाज सरकार तक पहुंचाने का शांतिपूर्ण तरीका है। छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
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सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं। प्रदर्शनकारी कुसुम ने बताया कि हर साल किसी न किसी परीक्षा को लेकर विवाद सामने आता है। मेहनत करने वाले छात्रों को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। हम चाहते हैं कि सरकार इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक की घटनाओं पर जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन बृहस्पतिवार को छठे दिन भी जारी रहा। तेज धूप और उमस के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। इस बीच पर्यावरण कार्यकर्ता और लद्दाख के सामाजिक नेता सोनम वांगचुक ने प्रदर्शन को अपना समर्थन देते हुए एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार 27 जून तक जनता के सवालों पर जवाबदेही नहीं दिखाती है, तो वह 28 जून से जंतर मंतर पर भूख हड़ताल शुरू करेंगे। सोनम वांगचुक ने अपने संदेश में कहा कि लोकतंत्र में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जनता की चिंताओं को सुने और उनके प्रति जवाबदेह बने। उनके मुताबिक, लंबे समय से कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर लोग अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यह कदम किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच सार्थक संवाद स्थापित करने के लिए उठाया जा रहा है।
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प्रधानमंत्री के नाम भेजे पोस्टकार्ड
बृहस्पतिवार को प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के नाम पोस्टकार्ड अभियान भी चलाया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पोस्टकार्ड लिखकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। पोस्टकार्ड पर छात्रों और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने और पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग भी दर्ज कराई। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, यह उनकी आवाज सरकार तक पहुंचाने का शांतिपूर्ण तरीका है। छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
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सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं। प्रदर्शनकारी कुसुम ने बताया कि हर साल किसी न किसी परीक्षा को लेकर विवाद सामने आता है। मेहनत करने वाले छात्रों को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। हम चाहते हैं कि सरकार इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे।