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बुजुर्गों में कम दिखा वैक्सीन का दुष्प्रभाव
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नई दिल्ली (अभिषेक पांचाल)। राजधानी में कोरोना टीकाकरण अभियान को 53 दिन हो गए हैं। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मचारियों और अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मचारियों के साथ-साथ बुजुर्गों को भी वैक्सीन लगाई जा रही है। दिल्ली में अभी तक टीका लगने के बाद दुष्प्रभाव का कोई गंभीर मामला सामने नहीं आया है। इसमें एक खास बात ये है कि स्वास्थ्य कर्मचारियों के मुकाबले बुजुर्गों में वैक्सीन के दुष्प्रभाव के मामले 10 फीसदी से भी कम हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि दुष्प्रभाव के मामलों में अंतर का कारण व्यक्ति की मनोदशा है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, दिल्ली में 1 मार्च से दूसरे चरण का टीकाकरण शुरू हुआ था। उसके बाद बीते 6 दिन में कुल 75 हजार बुजुर्गों (60 साल से अधिक उम्र वाले) का टीकाकरण हो चुका है। इनमें से महज 12 लोगों को टीके लगने के बाद हल्का बुखार और दर्द की शिकायत हुई थी। इस हिसाब से देखेें तो 99.93 फीसदी बुजुर्गों को वैक्सीन लेने के बाद कोई परेशानी नहीं आई। उधर, स्वास्थ्य कर्मचारियोें की बात करें तो 75 हजार कर्मचारियों के टीकाकरण में दुष्प्रभाव के 263 मामले आए।
आरएमएल अस्पताल के मनोरोग विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर आर.पी बेनिवाल ने बताया कि दुष्प्रभाव के मामले कम होने का बड़ा कारण मनोदशा और फोबिया है। शुरू में लोगों के दिमाग में टीके को लेकर कुछ संदेह था। चूंकि सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मचारियों ने ही वैक्सीन ली थी। ऐसे में उनके मन में भी कुछ संदेह था। इसके कारण उन्हें कुछ हल्की परेशानी भी होती तो लगता था कि यह टीके का दुष्प्रभाव है। वहीं, बुजुर्गों की बात करें तो जब तक उनका वैक्सीनेशन का नंबर आया, तब तक यह साबित हो चुका था कि वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। ऐसे में उनके मन में कोई डर नहीं था। यही कारण है कि उनमें टीका लगवाने के लिए उत्साह दिखाई दे रहा है और वैक्सीन लगने के बाद उनको कोई खास शिकायत नहीं हुई है। आंकड़े भी यही दर्शा रहे हैं।
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रिकॉर्ड स्तर पर हो रहा टीकाकरण
राजधानी में दूसरे चरण के टीकाकरण अभियान में हर दिन रिकॉर्ड बन रहा है। इसका कारण यह है कि बुजुग बड़ी संख्या में वैक्सीन लगवा रहे हैं। महज एक सप्ताह में ही 75 हजार बुजुर्ग टीका लगवा चुके हैं। वहीं, इतने ही स्वास्थ्य कर्मचारियों को वैक्सीन लगवाने में तीन सप्ताह का समय लगा था। बढ़ते टीकाकरण को देखते हुए केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। साथ ही स्वास्थ्य कर्मचारियों और अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मचारियों के लिए अलग केंद्रों की व्यवस्था की जा रही है।
दूसरे चरण के टीकाकरण के आंकड़े
ऐेसे बढ़ रही है संख्या
तारीख वैक्सीन लगी
1 मार्च 15521
2 मार्च 21277
3 मार्च 25054
4 मार्च 27959
5 मार्च 27057
6 मार्च 33287
(नोट-आंकडे़ स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हैं)।
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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, दिल्ली में 1 मार्च से दूसरे चरण का टीकाकरण शुरू हुआ था। उसके बाद बीते 6 दिन में कुल 75 हजार बुजुर्गों (60 साल से अधिक उम्र वाले) का टीकाकरण हो चुका है। इनमें से महज 12 लोगों को टीके लगने के बाद हल्का बुखार और दर्द की शिकायत हुई थी। इस हिसाब से देखेें तो 99.93 फीसदी बुजुर्गों को वैक्सीन लेने के बाद कोई परेशानी नहीं आई। उधर, स्वास्थ्य कर्मचारियोें की बात करें तो 75 हजार कर्मचारियों के टीकाकरण में दुष्प्रभाव के 263 मामले आए।
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आरएमएल अस्पताल के मनोरोग विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर आर.पी बेनिवाल ने बताया कि दुष्प्रभाव के मामले कम होने का बड़ा कारण मनोदशा और फोबिया है। शुरू में लोगों के दिमाग में टीके को लेकर कुछ संदेह था। चूंकि सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मचारियों ने ही वैक्सीन ली थी। ऐसे में उनके मन में भी कुछ संदेह था। इसके कारण उन्हें कुछ हल्की परेशानी भी होती तो लगता था कि यह टीके का दुष्प्रभाव है। वहीं, बुजुर्गों की बात करें तो जब तक उनका वैक्सीनेशन का नंबर आया, तब तक यह साबित हो चुका था कि वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। ऐसे में उनके मन में कोई डर नहीं था। यही कारण है कि उनमें टीका लगवाने के लिए उत्साह दिखाई दे रहा है और वैक्सीन लगने के बाद उनको कोई खास शिकायत नहीं हुई है। आंकड़े भी यही दर्शा रहे हैं।
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रिकॉर्ड स्तर पर हो रहा टीकाकरण
राजधानी में दूसरे चरण के टीकाकरण अभियान में हर दिन रिकॉर्ड बन रहा है। इसका कारण यह है कि बुजुग बड़ी संख्या में वैक्सीन लगवा रहे हैं। महज एक सप्ताह में ही 75 हजार बुजुर्ग टीका लगवा चुके हैं। वहीं, इतने ही स्वास्थ्य कर्मचारियों को वैक्सीन लगवाने में तीन सप्ताह का समय लगा था। बढ़ते टीकाकरण को देखते हुए केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। साथ ही स्वास्थ्य कर्मचारियों और अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मचारियों के लिए अलग केंद्रों की व्यवस्था की जा रही है।
दूसरे चरण के टीकाकरण के आंकड़े
ऐेसे बढ़ रही है संख्या
तारीख वैक्सीन लगी
1 मार्च 15521
2 मार्च 21277
3 मार्च 25054
4 मार्च 27959
5 मार्च 27057
6 मार्च 33287
(नोट-आंकडे़ स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हैं)।