शरजील इमाम: दिल्ली पुलिस की जेब पर पड़ेगा भारी, जब कई राज्यों में होगी हवाई जहाज से पेशी
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दूसरे राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, असम, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में भी उसके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज हुआ है। अब यहां पर जब भी पेशी होगी तो उसे वहां तक ले जाने और वापस लाने की जिम्मेदारी भी दिल्ली पुलिस की होगी। उत्तर-पूर्व के कई राज्य ऐसे भी हैं, जहां रेल मार्ग से पहुंचना संभव नहीं है। ऐसे में वहां तक हवाई जहाज से ही पहुंचा जाएगा। सड़क मार्ग है, लेकिन दिल्ली से वहां तक जाने में काफी समय लगेगा।
हर पेशी पर दिल्ली पुलिस के कम से कम पांच पुलिसकर्मी इमाम के साथ रहेंगे। ऐसे में उनकी एक पेशी पर करीब डेढ़-दो लाख रुपया खर्च होगा। यानी अब इमाम की पेशी दिल्ली पुलिस की जेब पर भारी पड़ेगी।
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र शरजील इमाम पर देशद्रोह और भड़काऊ भाषण देने का मामला दर्ज है। दिल्ली पुलिस ने उसे बिहार के जहानाबाद स्थित काको थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उसे हवाई मार्ग से दिल्ली लाया गया है। दिल्ली के अलावा असम में इमाम के खिलाफ आतंकवाद विरोधी कानून के तहत पहली सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की गई है।
असम पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक जीपी सिंह के अनुसार, इमाम के खिलाफ गुवाहाटी में अपराध शाखा पुलिस स्टेशन में गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज हो चुका है। उत्तर प्रदेश की अलीगढ़ पुलिस ने भी उसी दिन इमाम के खिलाफ राजद्रोह और विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी पैदा करने का मामला दर्ज किया है।
मणिपुर पुलिस ने इमाम के खिलाफ राजद्रोह, भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने, अपराधों की साजिश रचने, उत्पीड़न की साजिश या किसी विशेष समूह पर हमला, जैसे आरोपों के चलते एफआईआर की गई है। अरुणाचल प्रदेश पुलिस ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर शरजील इमाम के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया है।
ईटानगर पुलिस की अपराध शाखा ने इमाम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124 (ए), 153 (ए) और 153 (बी) के तहत देशद्रोह और धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना, आदि धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने भी शरजील इमाम के खिलाफ धार्मिक दुश्मनी को बढ़ावा देने के आरोपों के अलावा आईपीसी की धारा 153 (दंगा भड़काने के इरादे से भड़काऊ बयान देने) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। बता दें कि आईपीसी की धारा 124 ए के तहत दोषी पाए जाने पर शरजील इमाम को आजीवन कारावास हो सकता है।
दिल्ली से बाहर अब जहां भी पेशी के लिए इमाम को ले जाया जाएगा, तो उसके साथ दिल्ली पुलिस रहेगी। उत्तर-पूर्व के राज्यों में हवाईजहाज से जाना होगा। यूपी में रेल मार्ग से जाया जा सकता है। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, यदि हवाई मार्ग से इमाम को पेशी पर ले जाया जाता है, तो वह निश्चित तौर पर खर्चीला रहेगा। एक पेशी पर करीब डेढ़ से दो लाख रुपये तक खर्च आएगा।
कई जगह पर हवाईजहाज से उतरने के बाद सड़क मार्ग से जाना होगा। पुलिस टीम का ठहरना और खाने पीने का खर्च, सब मिलाकर लाखों में पहुंचेगा। अगर एक माह के भीतर तीन राज्यों में दो-दो बार पेशी होती है, तो खर्च का अंदाजा लगाया जा सकता है। ऐसे में दिल्ली पुलिस कोर्ट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी भुगतने का आग्रह कर सकती है। हालांकि सभी जगह पर यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।