{"_id":"623f9bd3868d7b506158ac89","slug":"rs-7066-crore-will-spent-on-slums-and-unauthorized-colonies","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली: झुग्गी-बस्तियों और अनधिकृत कॉलोनियों पर खर्च किए जाएंगे 7,066 करोड़ रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली: झुग्गी-बस्तियों और अनधिकृत कॉलोनियों पर खर्च किए जाएंगे 7,066 करोड़ रुपये
Sun, 27 Mar 2022 04:33 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 27 Mar 2022 04:33 AM IST
सार
सरकार ने बताया कि रुपये सीसीटीवी कैमरे, स्ट्रीट लाइट, सड़क, सीवर पार्क, फुटपाथ और नालों पर व्यय होंगे। तीनों निगम क्षेत्र की 634 बस्तियों में सीमेंट कंक्रीट फुटपाथ और नालों का निर्माण जारी है।
विज्ञापन
अरविंद केजरीवाल
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगामी वित्त वर्ष में झुग्गी-बस्तियों और अनधिकृत कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं के विकास पर व शहरी विकास योजनाओं पर दिल्ली सरकार ने 7,066 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा है।
विज्ञापन
झुग्गी-बस्तियों और अनधिकृत कॉलोनियों के भीतर वित्तीय वर्ष 2022-23 में सीसीटीवी कैमरे, स्ट्रीट लाइट, सड़क, सीवर और पार्क निर्माण कराने पर 1,300 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है।
विज्ञापन
दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के माध्यम से होने वाले विकास कार्यों पर 5,766 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा है। तीनों निगम क्षेत्र की 634 बस्तियों में सीमेंट कंक्रीट फुटपाथ और नालों का निर्माण जारी है।
विज्ञापन
अब तक यहां 1,051 किलोमीटर फुटपाथ और 266 किलोमीटर लंबे नालों का निर्माण किया है। आगामी वित्त वर्ष में भी इन परियोजनाओं पर खर्च करने का प्रस्ताव बजट में रखा गया है। ब्यूरो
बसों की संख्या बढ़ने से सार्वजनिक परिवहन को मिलेगी गति
इस बजट से दिल्ली की परिवहन व्यवस्था में व्यापक सुधार आएगा। परिवहन बेड़े में 7000 से अधिक बसें अब तक सर्वाधिक हैं। इससे सार्वजनिक परिवहन को और बढ़ावा मिलेगा। अगले दो वर्षों में बसों की संख्या 9000 तक पहुंचने की उम्मीद है।
दिल्ली सरकार की ओर से परिवहन क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पॉलिसी का दिल्ली में सर्वाधिक सकारात्मक असर दिख रहा है। इस नीति में शामिल बिंदु ऐसे हैं जिन्हें आसानी से लागू किया जा सकता है। आने वाले महीनों में बसों की कमी नहीं रहेगी तो दिल्लीवासियों की सहूलियतें बढ़ जाएंगी। महिलाओं के लिए बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा को बढ़ाने से उन्हें और अधिक सशक्त होने का मौका मिलेगा।
फिलहाल दिल्ली में निजी वाहनों को अपनाने वाली महिलाओं की संख्या दूसरे राज्यों की तुलना में कुछ कम है। ऐसे में सार्वजनिक परिवहन में मिलने वाली राहत से उन्हें अपने जरूरी कार्यों के लिए आवागमन में परेशानियां नहीं होंगी। - रेवती प्रदीप, सीनियर प्रोग्राम मैनेजर, वर्ल्ड रिसोर्स इंस्टीट्यूट(डब्ल्यूआरआई)