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सीबीआई को सौंप दी रिपोर्ट, वही तय करेगी आगे की कार्रवाई: एम्स
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नई दिल्ली। फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के वकील और एम्स के फॉरेंसिक विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर गुप्ता में बीच बातचीत का अॅाडियो वायरल होने के बाद सोमवार को दिल्ली एम्स ने स्पष्टीकरण दिया है कि मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी है। इस मामले में अब आगे की कार्रवाई सीबीआई को ही तय करनी है। ऑडियो में डॉ. गुप्ता फोन पर पीड़ित पक्ष के वकील से बातचीत में सुशांत की फोटो को लेकर हत्या की आशंका व्यक्त कर रहे हैं।
दरअसल 21 अगस्त को सीबीआई ने एम्स के फॉरेंसिक विभाग से इस मामले में जांच की सिफारिश की थी। वहीं, 22 अगस्त को डॉ. सुधीर गुप्ता और पीड़ित पक्ष के वकील के साथ फोन पर बातचीत हुई थी। फॉरेंसिक विशेषज्ञों का कहना है कि जांच से पहले वॉट्सएप पर आए फोटो देख महज एक आशंका व्यक्त की गई थी, जबकि गहन जांच और सभी तथ्यों पर गौर करने के बाद हत्या के सबूत नहीं मिले हैं। इसलिए मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में आत्महत्या पर ही मुहर लगाई है। गौरतलब है कि सुशांत सिंह की मौत मामले में एम्स के मेडिकल बोर्ड ने कुछ दिन पहले ही अपनी रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी थी, लेकिन सोमवार को मीडिया में वायरल ऑडियो के बाद संस्थान पर कई तरह के गंभीर सवाल खड़े हुए। तरह तरह के बयान और भ्रामक जानकारियां प्रसारित होने के चलते सोमवार शाम दिल्ली एम्स प्रबंधन ने अपना पक्ष रखते हुए बयान जारी किया और इस मामले में आगे का फैसला सीबीआई के अधीन होने की जानकारी दी। दिल्ली एम्स प्रबंधन से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि इस मामले में किसी भी तरह की जानकारी छिपाने का मतलब ही नहीं होता है। एम्स अपनी जिम्मेदारियों को भलीभांति समझता है। सीबीआई की सिफारिश पर ही फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने अपनी राय साझा की है। अब सीबीआई को तय करना है कि वह मेडिकल बोर्ड की सिफारिशों को आधार मानते हैं या नहीं। इस मामले में फॉरेंसिक विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर गुप्ता की ऑडियो को लेकर भी एम्स प्रबंधन ने किनारा कर लिया है।
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दरअसल 21 अगस्त को सीबीआई ने एम्स के फॉरेंसिक विभाग से इस मामले में जांच की सिफारिश की थी। वहीं, 22 अगस्त को डॉ. सुधीर गुप्ता और पीड़ित पक्ष के वकील के साथ फोन पर बातचीत हुई थी। फॉरेंसिक विशेषज्ञों का कहना है कि जांच से पहले वॉट्सएप पर आए फोटो देख महज एक आशंका व्यक्त की गई थी, जबकि गहन जांच और सभी तथ्यों पर गौर करने के बाद हत्या के सबूत नहीं मिले हैं। इसलिए मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में आत्महत्या पर ही मुहर लगाई है। गौरतलब है कि सुशांत सिंह की मौत मामले में एम्स के मेडिकल बोर्ड ने कुछ दिन पहले ही अपनी रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी थी, लेकिन सोमवार को मीडिया में वायरल ऑडियो के बाद संस्थान पर कई तरह के गंभीर सवाल खड़े हुए। तरह तरह के बयान और भ्रामक जानकारियां प्रसारित होने के चलते सोमवार शाम दिल्ली एम्स प्रबंधन ने अपना पक्ष रखते हुए बयान जारी किया और इस मामले में आगे का फैसला सीबीआई के अधीन होने की जानकारी दी। दिल्ली एम्स प्रबंधन से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि इस मामले में किसी भी तरह की जानकारी छिपाने का मतलब ही नहीं होता है। एम्स अपनी जिम्मेदारियों को भलीभांति समझता है। सीबीआई की सिफारिश पर ही फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने अपनी राय साझा की है। अब सीबीआई को तय करना है कि वह मेडिकल बोर्ड की सिफारिशों को आधार मानते हैं या नहीं। इस मामले में फॉरेंसिक विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर गुप्ता की ऑडियो को लेकर भी एम्स प्रबंधन ने किनारा कर लिया है।
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