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दिल्ली दंगा : आरोपियों के मोबाइल डाटा सह-आरोपियों को देने से इनकार

Fri, 29 Oct 2021 12:15 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 29 Oct 2021 12:15 AM IST
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Refusal to give mobile data of accused to co-accused
नई दिल्ली। अदालत ने स्पष्ट किया कि दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में कई आरोपियों के मोबाइल डाटा को सह-अभियुक्तों को उपलब्ध नहीं कराया जा सकता। अदालत ने कहा इसमें कथित तौर पर अश्लील सामग्री है और इससे उनकी निजता बाधित होगी।
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जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद, जेएनयू की छात्रा नताशा नरवाल और देवांगना कलिता, जामिया समन्वय समिति की सदस्य सफूरा जरगर, आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और 13 अन्य इस मामले में आरोपी हैं और उन पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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अपर सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई सुनवाई के दौरान आरोपियों द्वारा दायर आवेदनों पर मौखिक रूप से यह टिप्पणी की। आरोपियों ने तर्क रखा है कि उन्हें आरोपपत्र में अभियोजन पक्ष द्वारा भरोसा किए गए सभी साक्ष्यों और सामग्री की प्रति की आपूर्ति करने का निर्देश दिया जाए।
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डाटा में आपत्तिजनक फोटो और वीडियो
अदालत ने कहा कुछ ऐसे आवेदन आए हैं जहां अभियोजन पक्ष ने आवेदक को उपलब्ध कराए जा रहे अन्य सह-अभियुक्तों के कुछ व्यक्तिगत डाटा पर आपत्ति जताई है। उन्होंने आगे कहा कि अभियोजन पक्ष ने उन्हें कुछ तस्वीरें और विवरण दिखाए जो आरोपियों के मोबाइल फोन का हिस्सा हैं और यह आपत्तिजनक हैं। उन्होंने किसी को उपलब्ध नहीं कराया जा सकता।
अदालत ने कहा यह अश्लील सामग्री और स्वयं का वीडियो है। कुछ अश्लील वीडियो हैं, ऐसा लगता है कि आरोपी ने खुद बनाया है। ऐसे में इन वीडियो को सह-आरोपियों को देने से गोपनीयता और उनके जीवन में बाधा उत्पन्न हो सकती है। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि सब कुछ अश्लील नहीं है, आरोपी व्यक्तियों की कुछ निजी तस्वीरें भी हैं।

इसके अलावा अदालत ने अभियुक्तों के वकीलों को निर्देश दिया कि जब भी कोई आवेदन दायर करें तो अभियोजन पक्ष को अग्रिम प्रति दें ताकि वे इसका उत्तर दाखिल कर सकें, या उन विशेष दस्तावेजों या वीडियो को छोड़कर सभी दस्तावेजों की आपूर्ति कर सकें।
इससे पहले विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद ने अदालत को बताया था कि बिना किसी वर्गीकरण के सारे डाटा की आपूर्ति करने से दूसरों की निजता का उल्लंघन होगा।
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