{"_id":"604668978ebc3edbf0321efe","slug":"record-breaking-crowd-of-women-gathered-at-tiki-border","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीकरी बॉर्डर पर जुटी महिलाओं की रिकार्ड तोड़ भीड़, गाजीपुर में महिलाओं ने हाथों में लगवाई मेंहदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीकरी बॉर्डर पर जुटी महिलाओं की रिकार्ड तोड़ भीड़, गाजीपुर में महिलाओं ने हाथों में लगवाई मेंहदी
Mon, 08 Mar 2021 11:40 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Mon, 08 Mar 2021 11:40 PM IST
विज्ञापन
kisan mahapanchayat, farmers protest up,
- फोटो : amar ujala
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर दिल्ली की तीनों सीमाओं सिंघु, टीकरी और गाजीपुर में चल रहे किसान आंदोलन की कमान महिलाओं ने थाम रखी थी। तीनों सीमाओं पर हजारों की संख्या में पहुंची महिलाओं ने अपने अधिकारों और किसान आंदोलन में अपने किरदार पर गंभीरता से बात की। महिलाओं ने ही मंच का संचालन किया और केवल महिलाएं ही बोलीं। गांवों, शहरों से आई छात्रओं, नौजवान व बुजुर्ग महिलाओं ने मंच के माध्यम से अपनी बात रखी।
संयुक्त किसान मोर्चा नेता कविता कुरुगूंटी ने कहा महिलाओं ने अपने अधिकारों और कृषि से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात की। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर सिघु बॉर्डर से महिला किसानों ने दुनिया को बता दिया कि भारतीय महिलाएं केवल रसोई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वह कृषि विशेषज्ञ भी हैं। वह अपने हक के लिये मजबूती के साथ लड़ना जानती हैं। जिसका जीवंत उदाहरण है कि महिलाओं ने खेती किसानी व तीनों नए कृषि बिलों के मुद्दे पर गंभीरता से अपना पक्ष रखा। महिलाओं ने मोदी सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि हम दिनों दिन मजबूत हो रहे है। सरकार को यह लगता है कि समय के साथ आंदोलन कमजोर होगा पर किसानों का हौंसला दिनों दिन मजबूत हो रहा है। जब भी जरूरत होगी तब किसान अपनी ताकत दिखाते रहेंगे, लेकिन तीनों कृषि कानून वापस न होने तक वापस नहीं जाएंगे। इस दौरान हरियाणा की महिलाओं ने सिंघु बॉर्डर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया।
टीकरी बॉर्डर पर महिलाओं की रिकार्ड तोड़ भीड़
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर टीकरी बॉर्डर पर भारी संख्या में महिला किसानों ने शक्ति का प्रदर्शन किया। मुख्य मंच पर बोलते हुए महिला किसानों ने तीन खेती कानूनो को डेथ वारंट करार दिया। इस दौरान महिला किसानों ने मोदी सरकार को महिला विरोधी करार देते हुए कहा कि सिर्फ खेती सेक्टर में महिलाओं की मांगो को दरकिनार किया गया है। पकौड़ा चौक पर भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) के मंच पर महिलाओं की बड़ी कॉन्फेंस हुई। जिसमें महिला किसानों सम्बधी सभी मुद्दों के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। महिला किसानों के साथ यहां दिल्ली की प्रगतिशील महिला संगठनों की कार्यकर्ताओ ने भी बड़ी भागीदारी निभाई। भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) महिला मोर्चा की अध्यक्ष हरिंदर कौर बिंदू ने कहा उन्होंने पहले ही 50 हजार से अधिक महिलाओं के जुटने की बात कही थी। लेकिन महिलाओं का हुजूम देखकर लगा कि लगभग एक लाख के करीब महिलाएं यहां पहुंची हैं।
विज्ञापन
गाजीपुर बॉर्डर पर महिलाओं ने हाथों में लगाई मेंहदी
गाजीपुर बॉर्डर पर सैकड़ो महिलाओं ने जुटकर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का जश्न मनाया। यहां भी महिलाओं के हाथों में मंच की कमान थी। इसके अलावा यहां महिलाओं ने हाथों में मेंहदी लगवाई। सेवानिवृत्त विंग कमांडर अनुपमा आचार्य ने मंच का संचालन किया। यहां 24 घंटे के क्रमिक अनशन पर भी महिलाएं ही बैठी थीं। इन महिलाओं ने भी हाथों में मेंहदी लगवा रखी थी। यहां पर उत्तर-प्रदेश और उत्तराखंड की महिलाओं ने आकर मोर्चा संभाला था।
विज्ञापन
संयुक्त किसान मोर्चा नेता कविता कुरुगूंटी ने कहा महिलाओं ने अपने अधिकारों और कृषि से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात की। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर सिघु बॉर्डर से महिला किसानों ने दुनिया को बता दिया कि भारतीय महिलाएं केवल रसोई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वह कृषि विशेषज्ञ भी हैं। वह अपने हक के लिये मजबूती के साथ लड़ना जानती हैं। जिसका जीवंत उदाहरण है कि महिलाओं ने खेती किसानी व तीनों नए कृषि बिलों के मुद्दे पर गंभीरता से अपना पक्ष रखा। महिलाओं ने मोदी सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि हम दिनों दिन मजबूत हो रहे है। सरकार को यह लगता है कि समय के साथ आंदोलन कमजोर होगा पर किसानों का हौंसला दिनों दिन मजबूत हो रहा है। जब भी जरूरत होगी तब किसान अपनी ताकत दिखाते रहेंगे, लेकिन तीनों कृषि कानून वापस न होने तक वापस नहीं जाएंगे। इस दौरान हरियाणा की महिलाओं ने सिंघु बॉर्डर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
टीकरी बॉर्डर पर महिलाओं की रिकार्ड तोड़ भीड़
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर टीकरी बॉर्डर पर भारी संख्या में महिला किसानों ने शक्ति का प्रदर्शन किया। मुख्य मंच पर बोलते हुए महिला किसानों ने तीन खेती कानूनो को डेथ वारंट करार दिया। इस दौरान महिला किसानों ने मोदी सरकार को महिला विरोधी करार देते हुए कहा कि सिर्फ खेती सेक्टर में महिलाओं की मांगो को दरकिनार किया गया है। पकौड़ा चौक पर भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) के मंच पर महिलाओं की बड़ी कॉन्फेंस हुई। जिसमें महिला किसानों सम्बधी सभी मुद्दों के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। महिला किसानों के साथ यहां दिल्ली की प्रगतिशील महिला संगठनों की कार्यकर्ताओ ने भी बड़ी भागीदारी निभाई। भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) महिला मोर्चा की अध्यक्ष हरिंदर कौर बिंदू ने कहा उन्होंने पहले ही 50 हजार से अधिक महिलाओं के जुटने की बात कही थी। लेकिन महिलाओं का हुजूम देखकर लगा कि लगभग एक लाख के करीब महिलाएं यहां पहुंची हैं।
विज्ञापन
गाजीपुर बॉर्डर पर महिलाओं ने हाथों में लगाई मेंहदी
गाजीपुर बॉर्डर पर सैकड़ो महिलाओं ने जुटकर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का जश्न मनाया। यहां भी महिलाओं के हाथों में मंच की कमान थी। इसके अलावा यहां महिलाओं ने हाथों में मेंहदी लगवाई। सेवानिवृत्त विंग कमांडर अनुपमा आचार्य ने मंच का संचालन किया। यहां 24 घंटे के क्रमिक अनशन पर भी महिलाएं ही बैठी थीं। इन महिलाओं ने भी हाथों में मेंहदी लगवा रखी थी। यहां पर उत्तर-प्रदेश और उत्तराखंड की महिलाओं ने आकर मोर्चा संभाला था।