{"_id":"602677dd8ebc3ee9061a1b83","slug":"rakesh-tikait-to-join-7-mahapanchayats-in-3-states-starting-february-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"राकेश टिकैत 14 फरवरी से तीन राज्यों के सात महापंचायत में लेंगे हिस्सा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राकेश टिकैत 14 फरवरी से तीन राज्यों के सात महापंचायत में लेंगे हिस्सा
Fri, 12 Feb 2021 06:29 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Fri, 12 Feb 2021 06:29 PM IST
विज्ञापन
राकेश टिकैत
- फोटो : एएनआई
रविवार यानी 14 फरवरी से भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत तीन राज्यों में होने वाले सात महापंचायतों में हिस्सा लेंगे। यह तीन राज्य हैं हरियाणा, महाराष्ट्र और राजस्थान। इन महापंचायतों में शामिल होकर वह कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के लिए समर्थन जुटाएंगे।
विज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि यह संयुक्त किसान मोर्चा की 23 फरवरी की बैठक का ही हिस्सा है, जिससे हम देशभर के किसानों तक पहुंचना चाहते हैं।
विज्ञापन
यह महापंचायतें हरियाणा के करनाल, रोहतक, सिरसा और हिसार, महाराष्ट्र के अकोला और राजस्थान के सीकर जिले में होंगी। गौरतलब है कि बीते 75 से ज्यादा दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर हजारों किसान कृषि कानून के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं।
विज्ञापन
सभी किसान चाहते हैं कि तीनों कृषि कानून वापस लिए जाएं और न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर कानूनी गारंटी मिले। सरकार अब तक किसानों से 11 दौर की वार्ता कर चुकी है। इस दौरान सरकार अपने रुख पर कायम रही है कि यह किसानों के लिए हितकर कानून हैं।
26 जनवरी के दिन ट्रैक्टर परेड में हुई हिंसा के बाद से किसानों के आंदोलन को पुनर्जीवित करने का श्रेय राकेश टिकैत के उन आंसुओं को जाता है जिसके बाद रातों रात गाजीपुर बॉर्डर पर हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड और पंजाब के हजारों किसान पहुंच गए। उसी के बाद से इस आंदोलन का अब एक तरह से राकेश टिकैत ही नेतृत्व कर रहे हैं और जगह-जगह महापंचायत कर आंदोलन के लिए समर्थन जुटा रहे हैं।
आज राकेश टिकैत ने आंदोलन को लेकर कहा है कि घर वापसी तब ही होगी जब कृषि कानून वापस लिए जाएंगे। हमारा मंच और पंच वहीं रहेंगे। सिंघु बॉर्डर ही हमारा दफ्तर होगा। सरकार हमसे आज, दस दिन बाद या अगले साल जब भी बात करना चाहे हम तैयार हैं। हम दिल्ली से कीलें उखाड़े बिना नहीं जाएंगे।
There will be 'Ghar Wapsi' only after #FarmLaws are repealed. Our 'manch & panch' will be the same. Singhu border will remain our office. Whether Centre wants to talk today, in 10 days or next yr, we're ready. Won't go without removing metal spikes from Delhi: Rakesh Tikait, BKU pic.twitter.com/ycnepmp7hI
— ANI (@ANI) February 12, 2021