{"_id":"68f4fc49433cc12f7906113c","slug":"protest-by-burning-effigy-in-jnu-ashram-news-c-1-1-noi1086-3538083-2025-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi News: जेएनयू में पुतला दहन कर जताया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi News: जेएनयू में पुतला दहन कर जताया विरोध
विज्ञापन
-जेएनयू छात्र संघ चुनाव को लेकर लोकतांत्रिक नियमों के उल्लंघन का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। लेफ्ट समर्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ के पदाधिकारियों के खिलाफ साबरमती ढाबा के पास पुतला दहन किया गया। साथ ही स्कूल ऑफ सोशल साइंस और स्कूल ऑफ लैंग्वेज में आयोजित जनरल बाॅडी मीटिंग में चुनाव समिति की मनमानी के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया।
एबीवीपी जेएनयू की ओर से प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। जेएनयू संयुक्त सचिव वैभव मीणा ने कहा, अध्यक्ष नीतीश कुमार ने चुनाव समिति सदस्य की एकतरफा घोषणा जेएनयू के लोकतांत्रिक नियमों का खुला उल्लंघन है। छात्रों का विश्वास तोड़ा गया है। हम इस तानाशाही को चुनौती देंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी हो।
एबीवीपी जेएनयू अध्यक्ष मयंक पंचाल ने कहा कि लेफ्ट हर चुनाव से पहले विक्टिम कार्ड खेलता है। लेकिन इस बार उनका झूठ सबके सामने है। एबीवीपी यह स्पष्ट कर देना चाहती है कि जब तक चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होगी और हमलावरों पर कार्रवाई नहीं होगी हमारा विरोध शांतिपूर्ण लेकिन मजबूती से जारी रहेगा।
विज्ञापन
.
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। लेफ्ट समर्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ के पदाधिकारियों के खिलाफ साबरमती ढाबा के पास पुतला दहन किया गया। साथ ही स्कूल ऑफ सोशल साइंस और स्कूल ऑफ लैंग्वेज में आयोजित जनरल बाॅडी मीटिंग में चुनाव समिति की मनमानी के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया।
एबीवीपी जेएनयू की ओर से प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। जेएनयू संयुक्त सचिव वैभव मीणा ने कहा, अध्यक्ष नीतीश कुमार ने चुनाव समिति सदस्य की एकतरफा घोषणा जेएनयू के लोकतांत्रिक नियमों का खुला उल्लंघन है। छात्रों का विश्वास तोड़ा गया है। हम इस तानाशाही को चुनौती देंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी हो।
विज्ञापन
एबीवीपी जेएनयू अध्यक्ष मयंक पंचाल ने कहा कि लेफ्ट हर चुनाव से पहले विक्टिम कार्ड खेलता है। लेकिन इस बार उनका झूठ सबके सामने है। एबीवीपी यह स्पष्ट कर देना चाहती है कि जब तक चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होगी और हमलावरों पर कार्रवाई नहीं होगी हमारा विरोध शांतिपूर्ण लेकिन मजबूती से जारी रहेगा।
विज्ञापन
.