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प्रो. त्यागी का दावा कुलपति के रूप में उनका निलंबन नियमों के खिलाफ

Wed, 03 Mar 2021 10:35 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 03 Mar 2021 10:35 PM IST
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Professior Tyagi claims his suspension was against the rules and ordinances
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के निलंबित कुलपति प्रो योगेश त्यागी ने निलंबन को रद करने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखा है। प्रो योगेश त्यागी के पांच साल का कार्यकाल पूरा होने में केवल एक सप्ताह शेष है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि उनके खिलाफ जांच नियमों के अनुसार नहीं थी। लिहाजा उनके निलंबन को रद किया जाना चाहिए।
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बीते साल अक्तूबर में उन्हें निलंबित किया गया था। आगामी 9 मार्च को उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है। निलंबन के लगभग 120 दिन बाद लिखे गए पत्र में उन्होंने दावा किया है कि शिक्षा मंत्रालय में कुछ तत्व कुछ लोगों को उनका निष्कासन करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे थे।
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राष्ट्रपति कोविंद के आदेश के बाद बीते अक्तूबर में उन्हें निलंबित कर दिया गया था। राष्ट्रपति डीयू के विजिटर भी हैं। राष्ट्रपति ने उनके खिलाफ ड्यूटी में देरी के आरोपों की जांच का निर्देश भी दिया था। विश्वविद्यालय के इतिहास में प्रो त्यागी पहले वीसी हैं जो इस तरह की कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। अपने निलंबन से पहले त्यागी चिकित्सा उपचार से गुजर रहे थे।
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उन्होंने पत्र में लिखा है कि शिक्षा मंत्रालय के अधिकारी विश्वविद्यालय के अधिनियमों और अध्यादेशों को आपके सामने कानूनी रूप से पेश करने में विफल रहे हैं। सभी ने अधिनियमों व अध्यादेशों के कुछ महत्वपूर्ण प्रावधानों की मिलकर अनदेखी की है। कुलपति एक सिविल सेवक नहीं है। इसलिए उन नियमों के अनुसार उस पर कार्रवाई नहीं की जा सकती।
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