फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   postman Retired delivered letters to ministers MPs in Parliament House for 21 years 

दिल्ली: 21 साल से संसद भवन में मंत्रियों-सांसदों को पत्र पहुंचाने वाले डाकिया हुए सेवानिवृत्त, कभी किसी से नहीं की सिफारिश

Tue, 31 Aug 2021 08:28 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Tue, 31 Aug 2021 08:28 PM IST
सार

राम शरण अपने सहयोगियों और बाकी लोगों से इतना सम्मान पाकर बेहद खुश और भावुक थे। उन्होंने कहा कि वह इसलिए ज्यादा खुश हैं कि लोग उनके काम की वजह से आज उन्हें सम्मान की निगाह से देख रहे हैं।

विज्ञापन
postman Retired delivered letters to ministers MPs in Parliament House for 21 years 
डाकिया राम शरण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पिछले 21 साल से संसद भवन में मंत्रियों से लेकर संतरियों तक को पत्र पहुंचाने वाले राम शरण मंगलवार को सेवनिवृत्त हो गए। सेवानिवृत्ति के मौके पर गोल मार्केट स्थित डाकघर में पुराने सहयोगियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। नोटों की माला पहनाकर मंच पर बिठाया। सबने कुछ न कुछ भेंट किया और भविष्य में मिलते रहने का आश्वाशन दिया। एक-एक कर सभी साथियों ने राम शरण की कर्तव्यनिष्ठा की मिशाल पेश की।

विज्ञापन


राम शरण अपने सहयोगियों और बाकी लोगों से इतना सम्मान पाकर बेहद खुश और भावुक थे। उन्होंने कहा कि वह इसलिए ज्यादा खुश हैं कि लोग उनके काम की वजह से आज उन्हें सम्मान की निगाह से देख रहे हैं। राम शरण फरीदाबाद एनटीपीसी के पास स्थित नीम का गांव के रहने वाले हैं। वह पिछले 41 साल से रोजाना फरीदाबाद से दिल्ली ठीक समय पर आकर ड्यूटी करते रहे। शुक्रवार को संसद भवन में अंतिम पत्र पहुंचाने के बाद वह मंगलवार को सेवामुक्त हो गए।
विज्ञापन


काम को ही प्राथमिकता दी
राम शरण ने 7 अगस्त 1980 को दिल्ली में रेल मेल सर्विस (आरएमएस) ज्वाइन किया था। बाद में भारतीय डाक विभाग में भर्ती निकली तो यहां आदेवदन किया। 9 फरवरी 1989 को भारतीय डाक विभाग ज्वाइन कर लिया। मंडी हाउस, फिरोजशाह रोड पर डाकिया के रूप में पहली पोस्टिंग मिली। नई दिल्ली क्षेत्र में ही कई जगहों पर स्थानांतरित हुए। गोल मार्केट डाकघर में पोस्टिंग के बाद से पिछले 21 साल से संसद भवन में पत्र पहुंचाने की ड्यूटी इन्हीं की रही।
विज्ञापन
विज्ञापन


कभी किसी से सिफारिश नहीं की
राम शरण फरीदाबाद के गांव में रहते हैं। 2 बेटियां, 5 बेटे कुल 7 बच्चे और परिवार के अन्य सदस्यों का खर्चा उठाते रहे। बच्चों को पढ़ाया-लिखाया और विवाह कराया। इस बीच हमेशा आर्थिक तंगी झेली, लेकिन कभी किसी मंत्री-संतरी से एक पैसे की मदद नहीं मांगी। यहां तक की बच्चों की नौकरी के लिए भी किसी से सिफारिश नहीं की। उनकी इन्हीं आदतों की वजह से उनके विभाग ने 21 साल तक उनकी ड्यूटी संसद भवन में लगाए रखी।


सरकारी जिम्मेदारी को रखा ऊपर
राम शरण ने अपने सेवाकाल के दौरान कई प्रधानमंत्री और मंत्री बदलते देखे। लेकिन भारत सरकार के डाक विभाग ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी, उन्होंने उस जिम्मेदारी को ही सबसे ऊपर रखा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed