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दिल्ली : बिना सत्यापन के ही वेबसाइट पर डाल दिए अस्पतालों के नंबर, केजरीवाल सरकार से 21 मई तक मांगा जवाब
Tue, 11 May 2021 06:57 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Tue, 11 May 2021 06:57 PM IST
सार
दिल्ली हाईकोर्ट में अस्पतालों में बेड की उपलब्धता की समस्या को लेकर मंगलवार को सुनवाई हुई। इस दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि बिना सत्यापन के ही दिल्ली सरकार की वेबसाइट पर अस्पतालों का नंबर डाला गया है।
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अदालत ने सुनाई सजा
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट में अस्पतालों में बेड की उपलब्धता की समस्या को लेकर मंगलवार को सुनवाई हुई। इस दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि बिना सत्यापन के ही दिल्ली सरकार की वेबसाइट पर अस्पतालों का नंबर डाला गया है।
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न्यायमूर्ति विपिन सांघी व न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने यह टिप्पणी तब की जब अधिवक्ता राजशेखर राव ने पीठ को बताया कि अधिकांश अस्पताल फोन का जवाब नहीं देते हैं। उन्होंने पीठ को बताया कि बेड की उपलब्धता एवं इसकी सूचना के बीच बड़ा अंतर है।
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कोर्ट ने कहा कि अधिकांश अस्पताल ऐसे हैं जो शायद ही किसी के फोन पर बेड की उपलब्धता को लेकर जवाब दिया है। रविवार रात को डीआरडीओ को छोड़कर किसी भी अस्पताल ने बेड की जानकारी के संबंध में जवाब नहीं दिया।
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अस्पतालों में बेड आवंटन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर पीठ ने दिल्ली सरकार से 21 मई तक जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता मंजीत सिंह ने आरोप लगाया कि अस्पतालों में बेड के आवंटन में वीआपी कल्चर चल रहा है। ऊपर तक पहुंच वाले लोगों को ही बेड आवंटित किया जा रहा है।
दिल्ली सरकार से किए तीखे सवाल
वहीं, कोरोना महामारी से निपटने और ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर हाईकोर्ट में आज भी सुनवाई हुई। इस दौरान उच्च न्यायालय ने केजरीवाल सरकार से कई तीखे सवाल किए। साथ ही दिल्ली सरकार से कोरोना से निजात पाने के लिए किए गए कामों के बारे में पूछा।
दिल्ली पुलिस कालरा की कर रही तलाश
उधर, दिल्ली की एक अदालत ने ‘खान चाचा’ रेस्तरां से ऑक्सीजन सांद्रकों की जब्ती के मामले में कारोबारी नवनीत कालरा के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने से सोमवार को इंकार कर दिया। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा कालरा की तलाश कर रही है। वहीं, कालरा ने साकेत अदालत में आवेदन दायर कर इस मामले में अग्रिम जमानत का अनुरोध किया है। विशेष न्यायाधीश सुमित दास ने जांच अधिकारी को याचिका पर मंगलवार तक जवाब देने को कहा है।