फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Person above 25 years of age entitled to possess 9 liters of country and foreign liquor

हाईकोर्ट ने किया साफ : 25 वर्ष से अधिक आयु का व्यक्ति रख सकता है 9 लीटर देसी और विदेशी शराब

Fri, 04 Mar 2022 06:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 04 Mar 2022 06:06 AM IST
सार

न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने दिल्ली निवासी अवजीत सलूजा के खिलाफ उसके घर में अवैध शराब भंडारण के आरोप में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की याचिका पर फैसला सुनाते हुए यह टिप्पणी की। याचिकाकर्ता के घर से शराब की 132 बोतलें बरामद की गईं थी। इनमें 51.8 लीटर व्हिस्की, रम, वोदका, जिन और 55.4 लीटर वाइन, बीयर, एल्कोपॉप शामिल थीं। 

विज्ञापन
Person above 25 years of age entitled to possess 9 liters of country and foreign liquor
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई

विस्तार

हाईकोर्ट ने एक मामले में स्पष्ट किया कि 25 वर्ष से अधिक आयु का व्यक्ति 9 लीटर शराब और विदेशी शराब व 18 लीटर बीयर रख सकता है। शराब यानी व्हिस्की, वोदका, जिन, रम और 18 लीटर बीयर यानी वाइन और एल्कोपॉप रख सकता है।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने दिल्ली निवासी अवजीत सलूजा के खिलाफ उसके घर में अवैध शराब भंडारण के आरोप में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की याचिका पर फैसला सुनाते हुए यह टिप्पणी की। याचिकाकर्ता के घर से शराब की 132 बोतलें बरामद की गईं थी। इनमें 51.8 लीटर व्हिस्की, रम, वोदका, जिन और 55.4 लीटर वाइन, बीयर, एल्कोपॉप शामिल थीं। 
विज्ञापन


याचिकाकर्ता के पास वैध शराब का लाइसेंस भी नहीं था। सलूजा के खिलाफ  दिल्ली आबकारी अधिनियम  2009 की धारा 33 के तहत मामला दर्ज किया गया था। याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि जिस घर से शराब बरामद की गई थी वह 6 लोगों (25 वर्ष से अधिक आयु के सभी) का आवास है और इस प्रकार दिल्ली आबकारी नियम 2010 के नियम 20 (ए) के अनुसार बरामद मात्रा तय सीमा के भीतर है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसे में दर्ज मुकदमा खारिज किया जाए। अदालत ने इस  तर्क पर सहमति जताते हुए कहा कि याचिकाकर्ता के घर से शराब की 132 बोतलें बरामद की गई थीं, जिसमें 51.8 लीटर व्हिस्की और 55.4 लीटर बीयर बरामद हुई। याचिकाकर्ता के संयुक्त परिवार में छह वयस्क सदस्य हैं। नियम 20 के अनुसार याचिकाकर्ता ने दिल्ली आबकारी अधिनियम 2009 के तहत घर में शराब रखने की तय सीमा का  कोई उल्लंघन नहीं किया है। चूंकि उसके आवास से जब्त शराब की मात्रा अधिकतम सीमा के भीतर है। ऐसे में दर्ज प्राथमिकी को रद्द किया जाता है।

सरकार ने कहा- शराब बिक्री में छूट पर रोक लगाने का फैसला उचित

दिल्ली सरकार ने शराब की बिक्री पर खुदरा विक्रेताओं द्वारा दी गई किसी भी छूट या रियायत पर रोक लगाने के अपने फैसले को उचित बताया है। सरकार ने हाईकोर्ट के समक्ष तर्क रखा कि वह छूट के माध्यम से नशे को बढ़ावा नहीं दे सकती। फिलहाल अदालत ने सरकार को नोटिस जारी कर शुक्रवार तक विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई सात मार्च तय की है।

न्यायमूर्ति वी कामेश्वर के समक्ष दिल्ली सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत से 28 फरवरी के आदेश के संचालन पर रोक न लगाने का आग्रह किया। उन्होंने दलील दी कि छूट के माध्यम से नशे को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली शहर नहीं हो सकता, छूट बिल्कुल अनुचित है। उन्होंने कहा कि छूट नीति द्वारा लोगों को आकर्षित और लुभाने के लिए इसका बार-बार दुरुपयोग किया जा रहा है। यह एकाधिकार के उपाय के रूप में भी इस्तेमाल किया गया था। 

हम आम तौर पर छूट के खिलाफ नहीं हैं,  लेकिन जब हमने पाया कि पिछले कुछ महीनों में भारी छूट देकर कुछ लोगों द्वारा एकाधिकार करने का प्रयास किया गया है तो इस पर रोक लगाई गई। वहीं, दिल्ली सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता राहुल मेहरा ने भी कहा कि शराब एमआरपी से नीचे नहीं बेची जा सकती। शराब लाइसेंस धारकों ने याचिका दायर करके कहा कि शराब नीति और निविदा स्पष्ट रूप से खुदरा लाइसेंसधारियों को रियायत देने की अनुमति देती है।इसके बावजूद दिल्ली सरकार ने बगैर उनका पक्ष सुने 28 फरवरी को एक आदेश पारित कर शराब पर जारी छूट पर रोक लगा दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed