Delhi: यमुना किनारे छठ मनाने की इजाजत, राजस्व विभाग के प्रस्ताव को सीएम ने दी मंजूरी, 1100 घाटों पर होगा आयोजन
प्रदूषण की संभावना को देखते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने यमुना नदी के पास पूजा घाटों के निर्माण और ऐसे घाटों पर भक्तों द्वारा चढ़ाए जाने वाले सामग्री के बारे में चिंता व्यक्त की थी।
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दिल्ली में रहने वाले लाखों पूर्वांचली की धार्मिक मान्यताओं और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यमुना किनारे छठ पूजा के आयोजन की अनुमति दे दी है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यमुना के घाटों पर पहले की तरह छठ पर्व मनाया जाएगा। अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि यमुना प्रदूषित नहीं हो। इसके लिए सभी प्रबंध किए जाएं।
राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत ने जानकारी दी है कि इस बार भी 1100 घाटों पर छठ पूजा का भव्य आयोजन किया जाएगा। एनजीटी के आदेशों को ध्यान में रखकर राजस्व विभाग ने मुख्यमंत्री को यमुना के घाटों पर छठ पूजा के आयोजन के लिए प्रस्ताव भेजा था। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री की स्वीकृति के तुरंत बाद सभी जिला अधिकारियों को यह निर्देश जारी किए गए हैं कि यमुना नदी में कोई भी प्रदूषणकारी सामग्री विसर्जित न हो, इसके लिए वह अतिरिक्त उपाय करें।
एनजीटी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को सुनिश्चित करने के लिए साइट पर बैनर, पोस्टर, ऑडियो संदेश, सीडीवी की तैनाती सहित सभी उपाय करने के निर्देश इसमें शामिल हैं। प्रदूषण की संभावना को देखते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने यमुना नदी के पास पूजा घाटों के निर्माण और ऐसे घाटों पर भक्तों द्वारा चढ़ाए जाने वाले सामग्री के बारे में चिंता व्यक्त की थी। इस कारण राजस्व विभाग यमुना किनारे घाट बनाने का फैसला नहीं ले पा रहा था।
छठ पूजा पर तालाबों पर प्रकाश की व्यवस्था कराने के लिए एमसीडी ने प्रत्येक वार्ड को 40,000 रुपये आवंटित किए हैं। यह राशि प्रति वार्ड दो छठ घाटों पर खर्च की जाएगी। इस पैसे के इस्तेमाल से छठ पूजा स्थल और उसके आसपास रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। निगम का इलेक्ट्रिकल विभाग अपने कर्मचारियों के साथ मिलकर यहां पर खंबे, तार व ट्यूबलाइट, बल्ब लगाएगा और पूजा संपन्न होने तक इसका रखरखाव भी करेगा।
इसके अलावा दिल्ली नगर निगम छठ घाटों पर साफ सफाई व स्वच्छता भी सुनिश्चित करााएगा, ताकि श्रद्धालु साफ सुथरे घाटों पर पूजा कर सकें। इसके साथ ही निगम छठ घाटों पर वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था करेगा, जिससे कि घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं को पार्किंग को लेकर असुविधा न हो।