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प्रदूषण: हर साल एक से 15 नवंबर के बीच सबसे खराब हवा में सांस लेती है दिल्ली, डीपीसीसी ने जारी की रिपोर्ट
Thu, 07 Oct 2021 12:39 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Thu, 07 Oct 2021 12:39 PM IST
सार
पर्यावरण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि प्रदूषण में बढ़ोत्तरी 15 अक्तूबर से एक नवंबर के बीच होती है। पीएम 2.5 का औसत स्तर 80 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से बढ़कर 285 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच जाता है।
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दिल्ली में प्रदूषण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी के लोग नवंबर के शुरुआती 15 दिनों में सबसे खराब हवा में सांस लेते हैं। प्रदूषण के लिए जिम्मेदार तत्व पीएम 2.5 का औसत आंकड़ा इन दिनों 285 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर तक दर्ज किया जाता है। यहीं नहीं अलग-अलग पखवाड़े में प्रदूषण दिल्ली का दम घोंटता रहता है। यह बात दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) की ओर से जारी पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों के विशलेषण में सामने आई है।
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डीपीसीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, हर साल 16 अक्तूबर से लेकर 15 फरवरी तक पीएम 2.5 का स्तर बहुत खराब से लेकर गंभीर श्रेणी में दर्ज किया जाता है। पीएम 2.5 का स्तर 61 से 120 तक मध्यम से खराब, 121 से 250 तक बहुत खराब, 251 से 350 तक गंभीर और 350 से अधिक गंभीर से ऊपर माना जाता है।
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15 अक्तूबर के बाद बढ़ना शुरू होता है प्रदूषण
राजधानी में हर साल 15 अक्तूबर के बाद प्रदूषण का स्तर बढ़ना शुरू होता है। इसके तहत एक नवंबर तक पीएम 2.5 का स्तर 80 से 285 माइक्रोग्राम प्रतिघनमीटर तक पहुंच जाता है। पर्यावरण विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, इस समयावधि के दौरान प्रदूषण के सभी स्रोत सक्रिय रहते हैं। इस समय में पराली का धुंआ, पटाखों का प्रदूषण और सड़कों से उड़ने वाली धूल प्रमुख कारण होती है। ऐसे में प्रदूषण का स्तर भी बहुत खराब से लेकर गंभीर श्रेणी में पहुंच जाता है।
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दूसरे पखवाड़े में 16 दिसंबर से 31 दिसंबर तक फिर बढ़ता है प्रदूषण
प्रदूषण का एक पखवाड़ा झेलने के बाद दिल्ली का दम 16 दिसंबर से फिर घुटने लगता है। यह वह समय होता है जब न्यूनतम तापमान में कमी आती है और त्योहारी सीजन भी चल रहा होता है। ऐसे में ठंड से बचने के लिए भी लोग अपशिष्ट को जला देते हैं और यह दिल्ली का दम घोंटने का काम करता है। यही वजह है कि 16 दिसंबर से लेकर 31 दिसंबर की अवधि के दौरान पीएम 2.5 का औसत स्तर 218 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर दर्ज किया जाता है।
एक जनवरी से शुरू होता है प्रदूषण का तीसरा पखवाड़ा
दिल्ली में प्रदूषण का तीसरा पखवाड़ा एक जनवरी से शुरू होता है जोकि 15 जनवरी तक जारी रहता है। इस समयावधि में पीएम 2.5 का औसत स्तर 197 माइक्रोग्राम प्रतिघनमीटर दर्ज किया जाता है। साथ ही पीएम 10 का स्तर भी बहुत थीक नहीं रहता है, जोकि दिल्ली की सांसों के लिए चिंताजनक साबित होते हैं।