{"_id":"6222da50888e9a4d594026ab","slug":"pastor-death-case-delhi-injury-marks-not-found-on-priest-body-in-medical-test","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पादरी मौत मामले में नया मोड़: मेडिकल जांच में चौंकाने वाला खुलासा, ये सच को जानकार पुलिस भी चौंकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पादरी मौत मामले में नया मोड़: मेडिकल जांच में चौंकाने वाला खुलासा, ये सच को जानकार पुलिस भी चौंकी
Sat, 05 Mar 2022 09:04 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 05 Mar 2022 09:04 AM IST
सार
मेडिकल जांच रिपोर्ट में पादरी केलेम कल्याण टेट के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं। पादरी ने अपने साथ 25 फरवरी को हुई मारपीट की 28 फरवरी को पुलिस से शिकायत की थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले में अभी तक 10 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है। इन लोगों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने भीड़ से पादरी को बचाया था।
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली के भाटी माइंस में पादरी के साथ मारपीट करने व जय श्रीराम के नारे लगवाने के लिए मजबूर करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। मेडिकल जांच रिपोर्ट (एमएलसी) में पादरी केलेम कल्याण टेट (35) के शरीर पर कही पर भी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं।
पुलिस का मानना है कि अगर भीड़ ने मारपीट की थी तो चोट के काफी निशान होते। मामले में पांच दिन बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस अभी तक 10 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 28 फरवरी को सफदरजंग अस्पताल में पादरी का मेडिकल हुआ था। अब आई रिपोर्ट में उनके शरीर पर किसी तरह के बाहरी व अंदरूनी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। पादरी ने अपने साथ 25 फरवरी को हुई मारपीट की 28 फरवरी को पुलिस से शिकायत की थी।
विज्ञापन
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले में अभी तक 10 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है। इन लोगों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने भीड़ से पादरी को बचाया था। भीड़ ने पादरी को घेर रखा था, मगर उन्होंने मारपीट करते हुए नहीं देखा। लोग पादरी पर आरोप लगा रहे थे कि वह पैसे देकर धर्म परिवर्तन करवाता है। सोशल मीडिया पर पादरी को पीटने का जो वीडियो वायरल हो रहा है उसे जब्त कर लिया है।
विज्ञापन
पुलिस का मानना है कि अगर भीड़ ने मारपीट की थी तो चोट के काफी निशान होते। मामले में पांच दिन बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस अभी तक 10 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है।
विज्ञापन
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 28 फरवरी को सफदरजंग अस्पताल में पादरी का मेडिकल हुआ था। अब आई रिपोर्ट में उनके शरीर पर किसी तरह के बाहरी व अंदरूनी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। पादरी ने अपने साथ 25 फरवरी को हुई मारपीट की 28 फरवरी को पुलिस से शिकायत की थी।
विज्ञापन
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले में अभी तक 10 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है। इन लोगों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने भीड़ से पादरी को बचाया था। भीड़ ने पादरी को घेर रखा था, मगर उन्होंने मारपीट करते हुए नहीं देखा। लोग पादरी पर आरोप लगा रहे थे कि वह पैसे देकर धर्म परिवर्तन करवाता है। सोशल मीडिया पर पादरी को पीटने का जो वीडियो वायरल हो रहा है उसे जब्त कर लिया है।
मामले की जांच जारी
दक्षिण जिले की अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त हर्षवर्धन ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। इस मामले में जैसे-जैसे तथ्य सामने आएंगे उसी हिसाब से आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार शाम तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया।
पीटने के नहीं मिले कोई सबूत
पुलिस को घटना से संबंधित किसी तरह की सीसीटीवी फुटेज नहीं मिली है। जिस जगह फतेहपुरबेरी में पीपल चौक पर पादरी को पीटने के आरोप लगे हैं वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। एक जगह चंदन कांप्लेक्स में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, मगर वह भी खराब हैं। पुलिस को पादरी को पीटने के कोई इलेक्ट्रॉनिक सबूत नहीं मिले हैं।
पीटने के नहीं मिले कोई सबूत
पुलिस को घटना से संबंधित किसी तरह की सीसीटीवी फुटेज नहीं मिली है। जिस जगह फतेहपुरबेरी में पीपल चौक पर पादरी को पीटने के आरोप लगे हैं वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। एक जगह चंदन कांप्लेक्स में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, मगर वह भी खराब हैं। पुलिस को पादरी को पीटने के कोई इलेक्ट्रॉनिक सबूत नहीं मिले हैं।