ऑक्सीजन का संकट : हाईकोर्ट ने केंद्र को लगाई फटकार, कहा- आप आंखें मूंद सकते हैं, लेकिन हम नहीं
दिल्ली हाईकोर्ट में ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर आज भी सुनवाई जारी है। कोर्ट ने एक बार फिर ऑक्सीजन की किल्लत को लेकर केंद्र सरकार को फटकार लगाई है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र से कहा कि आप आंखें मूंद सकते हैं, लेकिन हम नहीं।
विस्तार
Delhi High Court begins hearing petition relating to various issues arising due to the rise of COVID-19 infection in the national capital
— ANI (@ANI) May 4, 2021विज्ञापन
दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र से कहा कि आज पूरा देश ऑक्सीजन के लिए रो रहा है। अगर आप से ऑक्सीजन आपूर्ति का सही प्रबंधन नहीं हो रहा है तो आप आईआईटी और आईआईएम को क्यों नहीं जिम्मेदारी सौंपते हैं। अगर आप ऑक्सीजन टैंकरों का प्रबंधन आईआईटी या आईआईएम को सौंपते हैं तो आप से ज्यादा बेहतर काम करेंगे।
Delhi High Court tells Centre that IIT or IIM will do a much better job if you (Centre) handover the management of oxygen tankers to IIT or IIM.
— ANI (@ANI) May 4, 2021
हाईकोर्ट ने केंद्र को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने आपको 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति दिल्ली को करने के लिए कहा है। यदि आप आपूर्ति नहीं करते हैं तो यह कोर्ट की अवमानना होगी। अब, यह आपका काम है। टैंकर उपलब्ध हैं, लेकिन आप यह काम करने को तैयार ही नहीं हैं। साथ ही हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि अगर महाराष्ट्र में इस वक्त ऑक्सीजन की खपत कम है, तो वहां के कुछ टैंकर दिल्ली भेजे जा सकते हैं।
एमिकस क्यूरी राजशेखर राव ने कोर्ट से कहा कि शहर के लोगों को यह बताना होगा कि वे घरों में सिलेंडर नहीं रख सकते हैं। साथ ही हमें अपील करनी होगी कि वे सिलेंडर की जमाखोरी न करें। हाईकोर्ट ने एक बैंक बनाने का सुझाव दिया, जिसमें लोग स्वेच्छा से सिलेंडर जमा कर देंगे।
Amicus Rajshekhar Rao says in HC that people of the city have to be told that they can't keep cylinders in houses and we have to appeal that they must not hoard cylinders.
— ANI (@ANI) May 4, 2021
HC suggests creating a bank saying that
people will willingly surrender cylinders.