फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Over 2,000 trees proposed to be felled for construction of highway in Delhi

दिल्ली: हाईवे निर्माण के लिए कई पेड़ों को स्थानांतरित करना जरूरी, एनएचएआई ने वन विभाग से मांगी अनुमति

Sun, 26 Sep 2021 03:37 PM IST
प्राची प्रियम पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: प्राची प्रियम Updated Sun, 26 Sep 2021 03:37 PM IST
सार

1500 करोड़ की लागत वाला यह प्रोजेक्ट भारतमाता परियोजना के प्रथम चरण का हिस्सा है। यह देश का दूसरा सबसे बड़ा राजमार्ग निर्माण कार्यक्रम है जिसके तहत 50,000 किमी सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
 

विज्ञापन
Over 2,000 trees proposed to be felled for construction of highway in Delhi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने दिल्ली वन विभाग से दिल्ली-सहारनपुर राजमार्ग पर 14.75 किमी खंड को छह लेन में विकसित करने के लिए अनुमति मांगी है। इस परियोजना के लिए अक्षरधाम एनएच-9 जंकशन और दिल्ली-यूपी बॉर्डर के बीच 2038 पेड़ बीच में आ रहे हैं। इनमें शीशम, सहतूत, पीपल, चंपा, अशोक, बबूल, नीम, यूक्लिप्टस, कीकर, बेर जामून और गूलर जैसे पेड़ शामिल हैं।

विज्ञापन


1500 करोड़ की लागत वाला यह प्रोजेक्ट भारतमाता परियोजना के प्रथम चरण का हिस्सा है। यह देश का दूसरा सबसे बड़ा राजमार्ग निर्माण कार्यक्रम है जिसके तहत 50,000 किमी सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
विज्ञापन


दिल्ली में इस परियोजना के लिए जिन जगहों की जरूरत है वह भूमि वन विभाग के अधीन है और इसका डायवर्जन भी संभव नहीं है। एनएचएआई ने डीएनडी महारानी बाग से एनएच-148 के जैतपुर-पुष्कर रोड सेक्शन के साथ जंक्शन तक सिक्स लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे के निर्माण के लिए 0.35 हेक्टेयर वन भूमि के डायवर्जन की अनुमति भी मांगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


निर्माण कार्य के लिए बेरी, नीम, पीपल, सहतूत और सिरस सहित कुल 191 पेड़ों को स्थानांतरित करने का प्रस्ताव पेश किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed