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राहत: दिल्ली में पुराने डीजल वाहन होंगे रेट्रो फिट, अब लगेंगे इलेक्ट्रिक किट, वाहनों को स्क्रैप होने से बचाने का मिला विकल्प
Tue, 21 Dec 2021 07:41 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 21 Dec 2021 07:41 PM IST
सार
दिल्ली सरकार की ओर से दिए गए इस विकल्प से लाखों वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिल सकती है। दिल्ली सरकार ने 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों को एक जनवरी, 2022 से सड़क पर उतरने से रोकने का फैसला लिया है। इसके तहत मियाद पूरी कर चुके वाहनों को डी रजिस्टर कर दिया जाएगा।
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फाइल फोटो
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विस्तार
10 साल से अधिक पुराने वाहनों को अब स्क्रैप होने से आप बचा भी सकते हैं। पुराने डीजल वाहनों में इलेक्ट्रिक किट लगाकर रेट्रो फिट कर, कार को कबाड़ बनने से बचाते हुए दोबारा सड़कों पर उतारा पर जा सकेगा।
लाखों की कार को रेट्रो फिटमेंट के जरिये इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित किया जा सकता है। इसके लिए दिल्ली सरकार निजी एजेंसियों का पैनल तैयार कर रही हैं। पुराने वाहनों की मियाद खत्म होने के बाद भी रेट्रो फिटमेंट से बगैर प्रदूषण फैलाए इलेक्ट्रिक वाहन फर्राटा भर सकेंगे।
दिल्ली सरकार की ओर से दिए गए इस विकल्प से लाखों वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिल सकती है। दिल्ली सरकार ने 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों को एक जनवरी, 2022 से सड़क पर उतरने से रोकने का फैसला लिया है। इसके तहत मियाद पूरी कर चुके वाहनों को डी रजिस्टर कर दिया जाएगा।
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इसके बाद डी रजिस्टर किए गए वाहनों को बगैर रेट्रो फिटिंग नहीं उतारा जा सकता है। इसके बाद भी अगर सड़कों पर पुराने वाहनों को उतारा जाता है तो उन्हें जब्त कर स्क्रैप कर दिया जाएगा। दिल्ली सरकार की ओर से जारी आदेश में डी रजिस्ट्रेशन के साथ साथवाहनों को दूसरे राज्यों में पंजीकृत करवाने, रेट्रो फिटमेंट का विकल्प भी दिया जा रहा है। इससे न तो पुराने वाहनों के मद में वाहन मालिकों को लाखों के नुकसान का सामना करना पड़ेगा। रेट्रो फिटिंग के बाद कारें दोबारा कम खर्च में इस्तेमाल की जा सकेंगी।
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लाखों की कार को रेट्रो फिटमेंट के जरिये इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित किया जा सकता है। इसके लिए दिल्ली सरकार निजी एजेंसियों का पैनल तैयार कर रही हैं। पुराने वाहनों की मियाद खत्म होने के बाद भी रेट्रो फिटमेंट से बगैर प्रदूषण फैलाए इलेक्ट्रिक वाहन फर्राटा भर सकेंगे।
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दिल्ली सरकार की ओर से दिए गए इस विकल्प से लाखों वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिल सकती है। दिल्ली सरकार ने 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों को एक जनवरी, 2022 से सड़क पर उतरने से रोकने का फैसला लिया है। इसके तहत मियाद पूरी कर चुके वाहनों को डी रजिस्टर कर दिया जाएगा।
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इसके बाद डी रजिस्टर किए गए वाहनों को बगैर रेट्रो फिटिंग नहीं उतारा जा सकता है। इसके बाद भी अगर सड़कों पर पुराने वाहनों को उतारा जाता है तो उन्हें जब्त कर स्क्रैप कर दिया जाएगा। दिल्ली सरकार की ओर से जारी आदेश में डी रजिस्ट्रेशन के साथ साथवाहनों को दूसरे राज्यों में पंजीकृत करवाने, रेट्रो फिटमेंट का विकल्प भी दिया जा रहा है। इससे न तो पुराने वाहनों के मद में वाहन मालिकों को लाखों के नुकसान का सामना करना पड़ेगा। रेट्रो फिटिंग के बाद कारें दोबारा कम खर्च में इस्तेमाल की जा सकेंगी।
रेट्रो फिटमेंट से वाहन मालिकों को मिलेगी राहत
दिल्ली में ऐसे वाहनों की संख्या 2.64 लाख से अधिक है, जिन्हें डी रजिस्टर करने के बाद प्रदूषण में भी कमी आएगी। उधर, परिवहन विभाग की तरफ से पहले ही वाहनों के नियंत्रित प्रदूषण प्रमाण पत्र(पीयूसीसी)की जांच सख्ती से की जा रही है ताकि दिल्ली में प्रदूषण को और बढ़ने से रोका जा सके।
परिवहन आयुक्त आशीष कुंद्रा ने बताया कि वाहनों को डी रजिस्टर किया जाएगा। लेकिन लोगों को अधिक नुकसान न हो, इसलिए रेट्रो फिटिंग का भी विकल्प है। अगर, दूसरे राज्यों में इन वाहनों को पंजीकृत करवाने चाहते हैं तो वाहन मालिक इसके लिए एनओसी भी ले सकते हैं। अधिक से अधिक एजेंसियां लोगों को रेट्रो फिटिंग की सुविधा प्रदान कर सके, इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।
इसी सप्ताह वेबसाइट पर सूची जारी कर दी जाएगी ताकि वाहन मालिकों की चिंता कम हो। पुराने वाहन मालिकों के लिए यह बड़ी राहत है। पुराने वाहनों को स्क्रैप में तब्दील होने के बाद उनकी कीमत किलोग्राम के हिसाब से तय की जाती है। अमूमन एक छोटी कार के बदले 35 हजार रुपये से 40 हजार रुपये मिलेंगे।
परिवहन आयुक्त आशीष कुंद्रा ने बताया कि वाहनों को डी रजिस्टर किया जाएगा। लेकिन लोगों को अधिक नुकसान न हो, इसलिए रेट्रो फिटिंग का भी विकल्प है। अगर, दूसरे राज्यों में इन वाहनों को पंजीकृत करवाने चाहते हैं तो वाहन मालिक इसके लिए एनओसी भी ले सकते हैं। अधिक से अधिक एजेंसियां लोगों को रेट्रो फिटिंग की सुविधा प्रदान कर सके, इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।
इसी सप्ताह वेबसाइट पर सूची जारी कर दी जाएगी ताकि वाहन मालिकों की चिंता कम हो। पुराने वाहन मालिकों के लिए यह बड़ी राहत है। पुराने वाहनों को स्क्रैप में तब्दील होने के बाद उनकी कीमत किलोग्राम के हिसाब से तय की जाती है। अमूमन एक छोटी कार के बदले 35 हजार रुपये से 40 हजार रुपये मिलेंगे।