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बच्चा गोद लेने के इच्छुक ओसीआई कार्डधारक दंपती ने ली हाईकोर्ट की शरण

Fri, 22 Oct 2021 12:39 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 22 Oct 2021 12:39 AM IST
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OCI card holder couple seeking to adopt a child took refuge in the High Court
नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने केंद्र और अन्य को पिछले चार वर्षों से नई दिल्ली में रह रहे एक प्रवासी नागरिक (ओसीआई) कार्डधारक दंपती की बच्चे को गोद लेने संबंधी याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याची ने तर्क रखा है कि 2018 में बच्चे को गोद लेने के लिए केंद्रीय एडोप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (कारा) में पंजीकरण कराने के बावजूद आज तक एक बच्चे के लिए कोई संदर्भ प्राप्त नहीं हुआ है।
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न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने केंद्र व कारा को इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखने का निर्देश देते हुए सुनवाई दो दिसंबर तय की है। ओसीआई कार्डधारी दंपती ने कहा कि 22 मार्च 2018 को बच्चा गोद लेने के लिए कारा में पंजीकरण कराने के बावजूद अभी तक बच्चे के लिए कोई जवाब नहीं मिला। याची ने कहा वहीं उनके बाद में पंजीकरण कराने वाले आवेदकों को संदर्भ मिल चुके हैं।
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याचिकाकर्ता ने कहा कि उसे आशंका है कि कारा न तो किसी वरिष्ठता सूची का पालन कर रहा है और न ही सरकार द्वारा जारी चार मार्च 21 की अधिसूचना का पालन कर रहा है। अधिसूचना में कहा गया है भावी दत्तक माता-पिता (पीएपी) जैसे याचिकाकर्ता जो ओसीआई कार्डधारक हैं घरेलू या एनआरआई पीएपी के बराबर अंतर-देशीय दत्तक ग्रहण के हकदार होंगे।
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याचिकाकर्ता ने अदालत से आग्रह किया है कि वह उनको गोद लेने के लिए कानूनी रूप से मुफ्त में एक बच्चे को संदर्भित करने के लिए कारा को निर्देश जारी करें। साथ बच्चा गोद लेने के लिए वरिष्ठता के मामले में याचिकाकर्ताओं से एनआरआई भावी दत्तक माता-पिता और निवासी भारतीय माता-पिता के बराबर व्यवहार करने का निर्देश दें।

याचिकाकर्ताओं ने कहा कि उन्हें पता चला है कि अन्य पीएपी जो अगस्त 2018 में देर से पंजीकृत हैं, उन्हें पहले ही संदर्भ मिल चुके हैं। ऐसी परिस्थितियों में याची को आशंका है कि उन्हें या तो अनजाने में छोड़ दिया गया है या घरेलू या एनआरआई पीएपी की तुलना में ओसीआई पीएपी के संबंध में एक अंतर नीति लागू की जा रही है।
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