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सौंदर्यकरण: लुटियंस ही नहीं, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का भी बदलेगा नजारा

Tue, 14 Sep 2021 01:04 AM IST
नोएडा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Tue, 14 Sep 2021 01:04 AM IST
सार

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पुर्ननिर्माण योजना का कार्य 120 हेक्टेयर के क्षेत्र में होगा। इसमें 88 हेक्टेयर को पहले चरण में पूरा किया जाएगा। दिल्ली के उपराज्यपाल की अध्यक्षता में गठित समिति इस पर लगातार मंथन कर रही है, ताकि स्थानीय निकाय से मिलने वाली अनुमति में किसी तरह की बाधा नहीं पहुंचे।

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Not only Lutyens, the view of New Delhi Railway Station will also change
NEW DELHI RAILWAY STATION - फोटो : amar ujala

विस्तार

आने वाले वक्त में लुटियंस दिल्ली का स्वरूप बदला-बदला नजर आएगा। नए संसद भवन निर्माण सेंट्रल विस्टा और नई दिल्ली स्टेशन डेवलपमेंट योजना के पूरा होने के साथ ही नजारा बदल जाएगा। सेंटर विस्टा से लुटियंस दिल्ली तो नई दिल्ली स्टेशन डेवलपमेंट से कनॉट प्लेस, पहाड़गंज, नई दिल्ली, अजमेरी गेट, डीआरएम कार्यालय समेत नई दिल्ली के आसपास का इलाका ही बदल जाएगा।

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सबसे खास बात यह होगी कि ट्रांजिट ट्रॉस्पोटेशन हब और फ्लाईओवर की जाल की वजह से इलाके में लगने वाले जाम की समस्या से भी निजात मिलेगा। योजना के अनुसार, इस स्टेशन को दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) की येलो लाइन, एयरपोर्ट लाइन और कनॉट प्लेस की आउटर सर्किल के साथ जोड़ा जाएगा। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जल्द वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन के तौर पर पहचानी जाएगी। स्टेशन को तैयार करने के लिए वैश्विक और घरेलू स्तर की 9 बड़ी कंपनियों ने रुचि दिखाई है। तकनीकी मूल्यांकन के बाद इन्हें चुना गया। अब फाइनेंशियल बिड के लिए ये कंपनियां आगे आएंगी। रेलवे का फ्लैगशिप प्रोजेक्ट एनसीआर में ट्रांसमिशन ओरिएंटेड डेवलपमेंट का पहला प्रोजेक्ट है। जिस पर पूंजीगत व्यय करीब 5000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जिसे डिजाइन बिल्ड-फाइनेंस-ऑपरेट-ट्रांसफर मॉडल पर तैयार किया जाएगा।
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रियल एस्टेट से रुपये जुटाने की तैयारी
नई दिल्ली पुर्नविकास प्रोजेक्ट के लिए रियल एस्टेट के जरिए रुपये जुटाने की नीति तैयार की गई है, जिसमें रिहायशी इलाका, मॉल, पार्किंग स्थल समेत कार्यालय भवन का भी निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को चार साल में तैयार करने का लक्ष्य है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और कनॉट प्लेस एक प्राइम जगह पर है। लिहाजा इसका भी स्वरूप बदल जाएगा।
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120 हेक्टेयर क्षेत्र में होगा काम
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पुर्ननिर्माण योजना का कार्य 120 हेक्टेयर के क्षेत्र में होगा। इसमें 88 हेक्टेयर को पहले चरण में पूरा किया जाएगा। दिल्ली के उपराज्यपाल की अध्यक्षता में गठित समिति इस पर लगातार मंथन कर रही है, ताकि स्थानीय निकाय से मिलने वाली अनुमति में किसी तरह की बाधा नहीं पहुंचे। आधुनिक सुविधाओं वाली नई इमारतों में यात्रियों के लिए दो प्रवेश और दो निकास द्वार होंगे। रेलवे कार्यालय, रेलवे क्वार्टर और सहायक रेलवे कार्यालय का भी पुर्ननिर्माण किया जाएगा। स्टेशन परिसर व आसपास के क्षेत्र को कामर्शियल क्षेत्र के तहत होटल, आवासीय परिसर, कार्यालय बनेंगे। स्टेशन के दोनों तरफ दो मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब यानी 40 मंजिल ऊंचे ट्विन टॉवर बनाने की योजना है।

दिसंबर में निर्माण शुरू करने का लक्ष्य
चयनित कंपनियां जल्द ही वित्तीय बोलियां लगाएंगी। इस साल दिसंबर तक प्रोजेक्ट का निर्माण शुरू होने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, वित्तीय बोली के लिए अभी कोई समयसीमा निर्धारित नहीं हुई है। लिहाजा इस निर्माण कार्य को अगले साल से ही शुरू होने की उम्मीद है। कोविड के कारण पहले से ही इस योजना में देरी हो चुकी है।

इन कंपनियों ने दिखाई है दिलचस्पी
वित्तीय निविदा जमा करने वाली कंपनियों में अरबियन कंस्ट्रक्शन कंपनी, अडाणी रेलवे ट्रांसपोर्ट लिमिटेड, बीआईएफए इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड, आईएसक्यू एशिया इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट्स, एंकोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट्स होलडिंग्स लिमिटेड, कल्पतरु पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड, जीएमआर हाइवेज लिमिटेड, ओमैक्स लिमिटेड और एल्पिस वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इसके बाद वित्तीय बीड करेंगे। नई दिल्ली स्टेशन पर प्रतिदिन 4:5 लाख यात्री पहुंचते हैं। स्टेशन से हर दिन 400 ट्रेनें संचालित होती हैं। इसकी क्षमता में वृद्धि की उम्मीद है। निजी ट्रेनें चलाने के लिए भी बेहतर स्टेशन मिल सकेगा।


भारत सरकार द्वारा घोषित 6,00,000 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन में है। इसमें 400 स्टेशन शामिल हैं, जहां 76000 करोड़ रुपये के निवेश की परिकल्पना की गई है। 2021-22 में 40 स्टेशनों और 2022-23 में अन्य 120 स्टेशनों को बनाने का लक्ष्य रखा गया है। विभिन्न हितधारकों की चिंताओं को दूर करने की आवश्यकता है। - वेद प्रकाश डुडेजा उपाध्यक्ष, रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए)

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