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निर्भया: दोषियों की फांसी पर रोक की अर्जी पर जेल प्रशासन से मांगा जवाब

Fri, 31 Jan 2020 02:00 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jan 2020 02:00 AM IST
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Nirbhaya: Seeks response from jail administration on application for ban on hanging of convicts
नई दिल्ली। निर्भया के दोषियों की ओर से एक फरवरी को होने वाली फांसी पर रोक लगाने के लिए बृहस्पतिवार को अर्जी दायर की गई। अदालत ने इस याचिका पर जेल प्रशासन को नोटिस जारी कर शुक्रवार तक जवाब मांगा है। अदालत ने दोषियों को फांसी देने के लिए फिलहाल एक फरवरी की तारीख तय की थी। दोषियों के वकील ने कहा कि अक्षय की सुधारात्मक याचिका बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी जबकि पवन ने अभी सुधारात्मक याचिका दाखिल नहीं की है। इन दोषियों के पास दया याचिका का विकल्प भी मौजूद है। ऐसे में इन्हें एक फरवरी को फांसी नहीं दी जानी चाहिए।
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पटियाला हाउस स्थित विशेष न्यायाधीश ए के जैन दोषियों की याचिका पर शुक्रवार सुबह दस बजे तक जेल प्रशासन से जवाब मांगा। दोषी पवन गुप्ता, विनय कुमार शर्मा एवं अक्षय कुमार की ओर से याचिका दायर करने वाले वकील एपी सिहं ने अदालत से आग्रह किया है कि उनके मुवक्किलों की फांसी की सजा को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया जाए क्योंकि दोषियों के पास अभी कई कानूनी विकल्प मौजूद हैं। उन्होंने दोषियों को उपलब्ध विकल्पों के बारे में कोर्ट को बताया कि विनय की दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित है। वहीं अक्षय व पवन के पास भी कई कानूनी विकल्प हैं, जिनका वह इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए दोषियों को विकल्प इस्तेमाल करने का समय दिया जाए।
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अभियोजन पक्ष ने अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि दोषी सजा में देरी करने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। यह न्याय का उपहास है। वहीं बचाव पक्ष ने कहा कि दोषी मुकेश की दया याचिका राष्ट्रपति के पास से खारिज होनेे के बाद भी अदालत ने उसे चुनौती देने के लिए 14 दिन का समय दिया था। विनय की दया याचिका नामंजूर होने के बाद भी उसे उच्चतम न्यायालय जाने का मौका है। बचाव पक्ष ने कहा कि हर स्थिति में 14 दिन का समय दोषियों को मिलना उनका अधिकार है। दोषी पवन और अक्षय के पास भी कानूनी विकल्प है।
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