भीड़ बढ़ने के कारण बंद करना पड़ा कालकाजी मंदिर

Amarujala Local Bureauअमर उजाला लोकल ब्यूरो Updated Sun, 18 Oct 2020 06:21 PM IST
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- फोटो : Amar Ujala

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भीड़ बढ़ने के कारण बंद करना पड़ा कालकाजी मंदिर (घंटों तक दर्शन के लिए मंदिर के द्वार पर जुटे रहे श्रद्धालु, मायूस होकर लौटना पड़ा) नई दिल्ली। रविवार को भारी भीड़ होने के कारण आदिशक्ति कालकाजी मंदिर आम दर्शनार्थियों के लिए बंद कर दिया गया। नवरात्रि से एक दिन पहले ही स्थानीय जिलाधिकारी, विधायक व मंदिर प्रशासन ने आपसी बैठक के बाद मंदिर को खोलने का निर्णय लिया था। लेकिन जल्दबाजी में लिया गया यह फैसला मंदिर प्रशासन व दिल्ली पुलिस के लिए परेशानी का सबब बन गया। नवरात्रि के पहले दिन शनिवार को भी कालकाजी मंदिर में भारी भीड़ हुई थी। मंदिर में भीड़ इकट्ठी ना हो इसके लिए मंदिर प्रशासन ने केवल एक द्वार ही खोल रखा था। मंदिर के मुख्य द्वार से श्रद्धालुओं को एक-एक कर मंदिर में प्रवेश कराया जा रहा था। लेकिन यहां पर सुबह से लेकर शाम तक लोगों का जमघट लगा रहा। इस दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल जैसे कि सामाजिक दूरी के नियम की धज्जियां उड़ती दिखाई दीं। इस बात को लेकर ना केवल मंदिर प्रशासन बल्कि दिल्ली पुलिस के आला अधिकारी भी चिंतित दिखाई दिए थे। रविवार को सुबह 4 बजे कालकाजी मंदिर का कपाट खुलने से पहले ही यहां पर भारी संख्या में श्रद्धालु जुट गए थे। सुबह से लेकर दोपहर तक यहां पर शनिवार से भी अधिक भीड़ जमा हो चुकी थी। जिसके कारण आनन-फानन में ही मंदिर प्रशासन और दिल्ली पुलिस ने मंदिर को बंद करने का निर्णय ले लिया। कालकाजी मंदिर के महंत सुरेंद्र नाथ अवधूत जी ने कहा कि जिस सोच के साथ मंदिर को खोला गया था, कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को सामाजिक दूरी के साथ आदि शक्ति मां कालका जी के दर्शन कराए जाएंगे। रविवार को लोगों की भीड़ देखकर सारी व्यवस्था फेल होती दिखाई दी। हमें श्रद्धालुओं की चिंता थी इसलिए मंदिर को बंद करने का निर्णय लिया गया। रविवार को दोपहर 12 बजे मंदिर को बंद कर दिया गया। इससे पहले जो श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश कर चुके थे उन्हें दर्शन कराया गया। मंदिर बंद होने के बाद भी आते रहे लोग आदि शक्ति मां कालका के दर्शन के लिए मंदिर बंद हो जाने के बाद भी लोग आते रहे। लोगों को मंदिर बंद होने की जानकारी यहां आने के बाद मिली। कई लोग मंदिर बंद होने की जानकारी मिलने के बाद भी अंदर जाने की जिद पर अड़े रहे। बार बार प्रयास करने के बाद भी लोगों को सफलता नहीं मिली। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों को बिना दर्शन किए ही मायूस होकर लौटना पड़ा। लगभग शाम को 3 बजे तक यहां दर्शन करने के लिए आने वालों का सिलसिला जारी था। फरीदाबाद में रहने वाले आनंद रावत अपनी पत्नी अनीता के साथ आज कालका मंदिर पहुंचे ।कालका मंदिर पहुंचने के बाद उन्हें पता लगा कि कल का मंदिर बंद है। उसके बाद वह मायूस होकर वापस लौट गए --- आदित्य पाण्डेय
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