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(संशोधित फाइल...) भीड़ बढ़ने के कारण करीब तीन घंटे बंद रहा कालकाजी मंदिर, बाद में फिर खोल दिया गया
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भीड़ बढ़ने के कारण करीब तीन घंटे बंद रहा कालकाजी मंदिर, बाद में फिर खोल दिया गया
(दर्शन के लिए मंदिर के द्वार पर घंटों रुके रहे श्रद्धालु, बाद में मंदिर खुलने के बाद मिला दर्शन)
नई दिल्ली। रविवार को भारी भीड़ होने के कारण आदिशक्ति कालकाजी मंदिर को करीब तीन घंटे तक बंद करना पड़ा। नवरात्रि से एक दिन पहले ही स्थानीय जिलाधिकारी, विधायक व मंदिर प्रशासन ने आपसी बैठक के बाद मंदिर को खोलने का निर्णय लिया था। लेकिन जल्दबाजी में लिया गया यह फैसला मंदिर प्रशासन व दिल्ली पुलिस के लिए परेशानी का सबब बन गया। हालांकि हालात काबू होने के बाद मंदिर को फिर से खोल दिया गया है।
नवरात्रि के पहले दिन शनिवार को भी कालकाजी मंदिर में भारी भीड़ हुई थी। मंदिर में भीड़ इकट्ठी ना हो इसके लिए मंदिर प्रशासन ने केवल एक द्वार ही खोल रखा है। मंदिर के मुख्य द्वार से श्रद्धालुओं को एक-एक कर मंदिर में प्रवेश कराया जा रहा है। लेकिन नवरात्र के पहले व दूसरे दिन यहां पर सुबह से लेकर शाम तक लोगों का जमघट लगा रहा। इस दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल जैसे कि सामाजिक दूरी के नियम की धज्जियां उड़ती दिखाई दीं। इस बात को लेकर ना केवल मंदिर प्रशासन बल्कि दिल्ली पुलिस के आला अधिकारी भी चिंतित दिखाई दिए।
रविवार को सुबह 4 बजे कालकाजी मंदिर का कपाट खुलने से पहले ही यहां पर भारी संख्या में श्रद्धालु जुट गए थे। सुबह से लेकर दोपहर तक यहां पर शनिवार से भी अधिक भीड़ जमा हो चुकी थी। जिसके कारण आनन-फानन में ही मंदिर प्रशासन और दिल्ली पुलिस ने कुछ समय के लिए मंदिर को बंद करने का निर्णय लिया। कालकाजी मंदिर के महंत सुरेंद्र नाथ अवधूत जी ने कहा कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को सामाजिक दूरी के साथ आदि शक्ति मां कालका जी के दर्शन कराए जा रहे हैं। रविवार को लोगों की भारी भीड़ देखकर मंदिर को बंद करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन बाद में इसे फिर खोल दिया गया। रविवार को दोपहर 12 बजे से लगभग 3 बजे तक मंदिर को बंद रखा गया। इसके बाद फिर से एक-एक कर श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश कराया गया और लोगों को दर्शन करने का मौका दिया गया।
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घंटों दर्शन के लिए लोक करते रहे इंतजार
आदि शक्ति मां कालका के दर्शन के लिए लोग घंटों मंदिर के बाहर ही इंतजार करते रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों को मायूस होकर वापस भी लौटना पड़ा। हालांकि 3 बजे के बाद देर शाम तक लोगों ने जाकर मां कालका का दर्शन किया। बल्लभगढ़ में रहने वाली अनिता अपने पति के साथ रविवार को दर्शन करने कालकाजी मंदिर आई थी। यंहापता लगा कि कालका मंदिर बंद है। उसके बाद वापस लौट गई।
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आदित्य पाण्डेय
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