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कोरोना को हराने वाले 30 फीसदी लोग मानसिक समस्याओं से जूझ रहे

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2020 08:23 PM IST
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नई दिल्ली। कोरोना से ठीक होने के बाद भी करीब 30 फीसदी लोग मानसिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। डॉक्टरो का कहना है कि भविष्य में दोबारा संक्रमित होने की चिंता, मानसिक तौर पर थकावट, तनाव, शरीर में पहले जैसी ऊर्जा का न बचना जैसे कारणों से लोगों को ऐसी दिक्कते आ रही हैं। इन बीमारियों का समय पर इलाज नहीं होता तो यह गंभीर मानसिक समस्या बन जाती है। जिससे लोगों का जीवन खतरे में पड़ सकता है। 
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  राजीव गांधी अस्पताल के डॉक्टर और कोविड-19 के नोडल अधिकारी डॉ अजित जैन बताते हैंं कि कोरोना से ठीक होने के बाद जिन लोगोंं को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो रही है। उनका  इलाज किया जा रहा है।
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इनमें करीब 30 फीसदी मरीज नींद न आना, घबराहट, भय, मानसिक थकावट, तनाव, अचानक पूरे शरीर में कंपकंपी होना, घुटन की हद तक सांस फूलने लगना जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ये मरीज बताते हे कि उन्हें अब रात में नींद नहीं आती, हमेशा डर बना रहता है और जीवन में तनाव रहता है।
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उन्होंने कहा कि जो मरीज आईसीयू से ठीक होकर गए हैं, उनमें यह समस्या सबसे ज्यादा है। उन्हें डर है कि कहीं वह दोबारा संक्रमित हो गए तो क्या होगा। यही मरीजों में भय का यह सबसे बड़ा कारण है। इसलिए उनको डॉक्टरों द्वारा सकारात्मक सोच पर ध्यान देने के लिए कहा जा रहा है। अस्पताल में योग और मेडिटेशन केंद्र भी बनाया गया है, ताकि लोग इन समस्या से बच सकें।
दिल्ली के सबसे बड़े मनोरोग अस्पताल इहबास ( इंस्टिट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड अलायड साइंसेज) के मनोरोग विशेषज्ञ डॉक्टर ओम प्रकाश बताते हैं कि जो लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं और ठीक होकर घर वापस आ गए हैं, वे लंबे समय तक कमजोरी भी महसूस करते हैं। दरअसल, यह पोस्ट वायरल साइड इफेक्ट होता है। मरीजों में यह थकान मानसिक व शारीरिक दोनों हो सकती है। जिन मरीजों मेंं ठीक होने के बाद भी नींद न आना, घबराहट, तनाव ,भय जैसी समस्या आ रही है। यह सब अवसाद के शुरूआती लक्षण हैं। अगर इस बीमारी का समय पर इलाज नहीं किया जाता तो यह गंभीर मानसिक बीमारी बन जाती है। डॉ ओम प्रकाश के मुताबिक,कई मरीजों को लगातार थकान बनी हुई है। इस कारण वह अपना कोई भी काम सही से नहीं कर पा रहे हैं। इससे उनके जीवन मे तनाव की स्थिति बन रही और मानसिक दबाव महसूस कर रहे हैं।  ऐेसे पाया जा सकता है काबू डॉ ओमप्रकाश की सलाह है कि अवसाद जैसी मानसिक समस्या पर काबू पाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि सकरात्म सोच रखना किसी भी समस्या के बारे में परिवार या दोस्तोंं से बात करनी चाहिए। कुछ समय के लिए सोशल मीडिया से दूरी बनाना भी एक अच्छा विकल्प है। अगर संक्रमण से ठीक होने के बाद भी घबराहट या डर है लोग काउंसलिंग के लिए मनोरोग विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। सही समय पर पूरी नींद लेनी चाहिए। इसके साथ ही सुबर शाम कसरत करनी चाहिए। इससे दिमाग में सकरात्मक चीजें आती हैै।
सरकार ने जारी किया है हेल्पलाइन नंबर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने किसी भी प्रकार की मनो सामाजिक सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 080-4611007 जारी किया है। इस पर क़ॉल कर लोग सहायता ले सकते हैं।
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