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अक्षय ऊर्जा की ओर : तीन वर्ष बाद हरित ऊर्जा से ही चलेगी नई दिल्ली, एनडीएमसी का फैसला
Thu, 24 Feb 2022 05:43 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 24 Feb 2022 05:43 AM IST
सार
बुधवार को एनडीएमसी के अध्यक्ष धमेंद्र की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें एनडीएमसी के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय, विधायक और पालिका परिषद के सदस्य वीरेंद्र सिंह कादियान, कुलजीत सिंह चहल, गिरीश सचदेवा और विशाखा सैलानी के साथ पूर्वी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त विकास आनंद और पालिका परिषद की सदस्य ईशा खोसला भी शामिल रहीं।
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विस्तार
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) 2025 तक पूरी तरह से हरित ऊर्जा पर निर्भर हो जाएगी। नई दिल्ली क्षेत्र में बिजली की मांग करीब 450 मेगावाट है जो अलग-अलग ऊर्जा स्रोतों से पूरी की जाती हैं। आगामी तीन वर्षों में एनडीएमसी क्षेत्र पूरी तरह अक्षय ऊर्जा पर निर्भर होगा। इससे नई दिल्ली की 7 स्टार रेटिंग को हासिल करना भी आसान हो जाएगा। बुधवार एनडीएमसी की बैठक में इसका फैसला लिया गया है। बैठक में तय किया गया कि सेंट्रल विस्टा की तर्ज पर नई दिल्ली में भी सड़कें स्मार्ट बनेंगी।
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बुधवार को एनडीएमसी के अध्यक्ष धमेंद्र की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें एनडीएमसी के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय, विधायक और पालिका परिषद के सदस्य वीरेंद्र सिंह कादियान, कुलजीत सिंह चहल, गिरीश सचदेवा और विशाखा सैलानी के साथ पूर्वी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त विकास आनंद और पालिका परिषद की सदस्य ईशा खोसला भी शामिल रहीं।
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परिषद की बैठक में तीस्ता-3 से 142 मेगावाट जलविद्युत की खरीद को मंजूरी दी गई है। इस समझौते को तीन साल के बाद दो साल के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है। नई दिल्ली क्षेत्र में बिजली की मांग करीब 450 मेगावाट है। वर्ष 2024 तक नई दिल्ली क्षेत्र में कुल ऊर्जा का 83 फीसदी हरित ऊर्जा में परिवर्तित करने का लक्ष्य है। नडीएमसी में बैठक में नागरिकों और कर्मियों के कल्याण से संबंधित प्रस्तावों पर विचार करने के बाद कुछ परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
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बैठक में स्मार्ट सड़कें बनाने का फैसला लिया गया। क्षेत्र की सड़कों का डिजाइन ऐसा होगा जिससे सड़के साफ और सुंदर दिखने के साथ-साथ सुरक्षित भी होंगी। परिषद ने सड़कों के पुनर्विकास के लिए एक परियोजना को मंजूरी दी है।
8 सड़कों के पुनर्निर्माण को मंजूरी
एनडीएमसी क्षेत्र की कुछ सड़कों की हालत खराब हो गई है। इनमें से अधिकतर सड़कों ने पांच वर्ष की अवधि पूरी कर ली है। इसे देखते हुए आठ सड़कों को कोल्ड मिलिंग तकनीकी प्रक्रिया के तहत पुनर्विकसित किए जाने की मंजूरी दी गई है। इन सड़कों में तिलक मार्ग, केजी मार्ग, डॉ. जाकिर हुसैन मार्ग, पंडारा रोड, टॉल्स्टॉय मार्ग, हैली रोड, तानसेन मार्ग, बाबर रोड शामिल हैं। इस परियोजना की कुल लागत 7.25 करोड़ होगी। सेक्टर-7 पुष्प विहार( साकेत) में कर्मचारियों के लिए 120 टाईप-2 फ्लैटों के निर्माण को मंजूरी दे दी गई हैं। फ्लैटों के लिए 100 केएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को मंजूरी दी गई है।