फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Muzaffarnagar Mahapanchayat and UP elections

संघर्ष और सियासत : मुजफ्फरनगर की महापंचायत से फूटेगा यूपी चुनाव का अंकुर, भाजपा को घेरने की तैयारी

Fri, 03 Sep 2021 04:19 AM IST
दुष्यंत शर्मा पंकज तोमर, नई दिल्ली
पंकज तोमर, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 03 Sep 2021 04:19 AM IST
सार

  • किसानों के समर्थन में खुलकर उतरा विपक्ष
  • हर पार्टी की नजर अब किसानों पर टिकी, पश्चिम में रालोद को है संजीवनी की आस
  • संयुक्त किसान मोर्चा का आरोप, महापंचायत को विफल करने की रची जा रही साजिश

विज्ञापन
Muzaffarnagar Mahapanchayat and UP elections
demo pic... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

5 सितंबर को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में होने जा रही किसानों की महापंचायत कई मायनों में जुदा होगी। इससे न सिर्फ आंदोलन को नई दिशा मिलेगी बल्कि, पश्चिम के सियासी समीकरण भी बदल

विज्ञापन

सकते हैं। दावा किया जा रहा है कि यह अब तक की सबसे बड़ी महापंचायत होगी। राजनीति के जानकारों का मानना है कि 2022 के यूपी चुनाव का अंकुर भी यहीं से फूटेगा। इसको लेकर सियासी गलियारों में हलचल मची हुई है। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में इतिहास रचने वाली भाजपा को घेरने के लिए विपक्ष भी किसानों के समर्थन में खुलकर उतर गया है। हर पार्टी की नजर किसानों पर टिकी है। 
विज्ञापन


खासकर, राष्ट्रीय लोकदल को इससे पश्चिमी यूपी में संजीवनी की आस है। वहीं, गोपनीय रूप से तमाम राजनीतिक पार्टियों के दिग्गज संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं से संपर्क साध रहे हैं। उनका दुख-दर्द तक साझा करने का  दिखावा किया जा रहा है। हालांकि, अभी किसान किसी मूड में नहीं हैं। आंदोलन को धार देने की कोशिश में जुटे मोर्चे को राजनीतिक पार्टियों के अलावा खाप, श्रमिक, छात्र और महिला आदि संगठनों का भी साथ  मिल गया है। उधर, भारतीय किसान यूनियन और मोर्चा के नेताओं का आरोप है कि भाजपा महापंचायत को विफल करने के लिए ऐडी-चोटी का जोर लगा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जाट-मुस्लिम समीकरण को यू-टर्न देने का प्रयास
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हमेशा ही जाट-मुस्लिम समीकरण रहा है, जिसका फायदा बसपा, सपा और राष्ट्रीय लोकदल को मिलता रहा, लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले मुजफ्फरनगर दंगे ने यह समीकरण बिगाड़ दिए और इन तीनों पार्टियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। नए समीकरणों का भाजपा पूरा फायदा उठा ले गई। किसान महापंचायत के सहारे एक बार फिर विपक्ष जाट-मुस्लिम समीकरण को मजबूत करने की राह टटोल रहा है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के कई बड़े नेता भी किसान नेताओं के संपर्क में हैं। उधर, पंजाब में भी किसानों के सहारे सियासी जमीन तैयार की जा रही है। वहां आम आदमी पार्टी ने पूरा जोर लगा दिया है।

हम तैयार हैं, केंद्र पहल तो करे
नए कृषि कानूनों को रद्द कराने और न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी की मांग को लेकर किसान नौ महीने से दिल्ली की सीमाओं पर डटे हैं। केंद्र से कई दौर की बातचीत विफल रही। हम बातचीत के लिए हमेशा तैयार हैं, लेकिन सरकार भी तो पहल करे। नए कानूनों से किसानों को कोई फायदा नहीं है। कृषि मंत्री भी इसके फायदे नहीं बता पा रहे हैं। कॉरपोरेट जगत को फायदा पहुंचाने के लिए ये कानून बने हैं, जिसे किसान कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। मुजफ्फरनगर की महापंचायत अब तक की सबसे बड़ी महापंचायत होगी, जिसमें यूपी, हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तराखंड, राजस्थान आदि राज्यों के किसान एकजुट होंगे।
- चौधरी राकेश टिकैत, राष्ट्रीय प्रवक्ता, भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक)

वोट बैंक के रूप में किसानों का इस्तेमाल
हम मुद्दों की लड़ाई लड़ रहे हैं। कारपोरेट्स को लाभ पहुंचाने के लिए किसानों के साथ अन्याय किया जा रहा है। राजनीतिक दलों ने हमेशा किसानों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है, लेकिन इस बार किसान मांगें मनवाकर ही दम लेंगे। मुजफ्फरनगर में होने वाली महापंचायत सरकार के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन होगा।
- गुरनाम सिंह चढूनी, प्रधान, भारतीय किसान यूनियन (चढूनी)

महापंचायत को राजनीतिक दृष्टिकोण से देखना गलत है। इसमें किसानों के मुद्दे हैं। वह बात अलग है कि भाजपा के खिलाफ किसान ही नहीं, विपक्ष भी उतर गया है। किसानों को जो भी समर्थन देगा उसका स्वागत किया जाएगा।
- दर्शनपाल सिंह, नेता, संयुक्त किसान मोर्चा

रालोद हमेशा किसानों के साथ रहा है। महापंचायत को लेकर रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ने निर्देश दिए हैं कि ज्यादा से ज्यादा किसानों को मुजफ्फरनगर ले जाया जाए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रालोद नेता गांव-गांव जाकर लोगों का समर्थन भी जुटा रहे हैं।

- अरुण तोमर बोबी, प्रेस प्रवक्ता, राष्ट्रीय लोकदल

सभी खापों का समर्थन : मुंडेट
निर्वाल खाप के भारत चौधरी बाबा राजवीर सिंह मुंडेट का कहना है कि सभी खाप किसानों के समर्थन में हैं। वह किसानों पर अन्याय नहीं होने देंगी। महापंचायत की तैयारियां की जा रही हैं। किसानों का पूरा साथ दिया जाएगा। हालांकि, भाजपा महापंचायत को विफल करने का प्रयास कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed