{"_id":"5f3432c08ebc3e3d233dbdf1","slug":"mobile-phone-is-require-for-online-class-adjust-time-of-hearing-ashram-news-noi529436397","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑनलाइन पढ़ाई प्रभावित न हो, हाईकोर्ट ने दिया सुनवाई का वक्त बदलने का निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑनलाइन पढ़ाई प्रभावित न हो, हाईकोर्ट ने दिया सुनवाई का वक्त बदलने का निर्देश
Thu, 13 Aug 2020 04:47 AM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2020 04:47 AM IST
विज्ञापन
delhi high court
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक महिला ने अपने वैवाहिक विवाद और बच्चे के संरक्षण के मामले की सुनवाई को समायोजित करने के लिए हाईकोर्ट में गुहार लगाई है। महिला ने याचिका में कहा कि जिस मोबाइल फोन के जरिये वह सुनवाई में शामिल होगी, उसी वक्त उसके बच्चे की ऑनलाइन क्लास का भी समय है। लिहाजा सुनवाई के समय में उचित परिवर्तन किया जाए। पीठ ने निचली अदालत को इस संबंध में निर्देश दिया है।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की एकल पीठ ने इस बात का संज्ञान लिया कि वीडियो कान्फ्रेंस के इस्तेमाल में आने वाला मोबाइल फोन याचिकाकर्ता के बच्चे की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए भी आवश्यक है। याचिका में महिला ने कहा कि उनके वैवाहिक विवाद की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई पर उसे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन सुनवाई का समय लंच के बाद का तय जाए ताकि उनके बच्चे की पढ़ाई का नुकसान न हो।
विज्ञापन
महिला ने पीठ को बताया कि उसका कोई वकील नहीं है और वह वकील का खर्च भी वहन करने की स्थिति में नहीं है। इसलिए अदालत ने पति के साथ चल रहे वैवाहिक विवाद और बेटे के संरक्षण को लेकर मुकदमे की सुनवाई ऑनलाइन करने के लिए कहा है। इस पर पीठ ने महिला से कहा कि अदालत सुनवाई के समय को समायोजित करने का पूरा प्रयास करेगी।
विज्ञापन
पीठ ने याचिका का निपटारा करते हुए निचली अदालत से कहा कि महिला के मामले की सुनवाई के समय में बदलाव की कोशिश की जाए, ताकि महिला के बच्चे की पढ़ाई पर इसका असर न पड़े।