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दिल्ली: नाबालिग बेटे ने पिता की जान बचाने के लिए लीवर दान करने की मांगी अनुमति, हाईकोर्ट ने सरकार और आईएलबीएस से मांगा जवाब

Thu, 16 Sep 2021 01:32 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Thu, 16 Sep 2021 01:32 AM IST
सार

याचिका में कहा गया है कि लड़के की मां और बड़े भाई को चिकित्सकीय आधार पर अंगदान करने से मना कर दिया गया है और अब उसे भी इसके लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया गया है। 

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minor son seeks permission to delhi high court to donate liver for save father life
delhi high court - फोटो : PTI

विस्तार

नाबालिग बच्चे ने अपने बीमार पिता की जान बचाने के लिए उन्हें अपने लीवर का हिस्सा दान करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याची ने कहा कि पिता का लीवर खराब होने के कारण वह अंतिम स्थिति में है। अदालत ने इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार और इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर एंड बाइलरी साइंसेज (आईएलबीएस) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने याची 17 साल और 9 महीने के इस लड़के की ओर से उसकी मां द्वारा दायर याचिका पर दोनों पक्षों को तीन दिनों में अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। इतना ही नहीं अदालत ने मामले की सुनवाई 24 सितंबर तय करते हुए आईएलबीएस के एक जिम्मेदार अधिकारी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में मौजूद रहने का निर्देश दिया है।
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याचिका में अस्पताल के उस आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें बीमार पिता को अपने लीवर का हिस्सा दान करने के लिए उसके आवेदन को खारिज कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि अस्पताल के अधिकारियों द्वारा दिमाग का उपयोग नहीं किया गया क्योंकि नियम असाधारण परिस्थितियों में एक नाबालिग द्वारा जिगर का हिस्सा दान करने की अनुमति देता है, जिस पहलू को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है।
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याचिका में कहा गया है कि लड़के की मां और बड़े भाई को चिकित्सकीय आधार पर अंगदान करने से मना कर दिया गया है और अब उसे भी इसके लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया गया है। 


याची के अनुसार लड़के का मामला असाधारण प्रकृति का है और डॉक्टरों की राय के अनुसार, तत्काल प्रत्यारोपण की आवश्यकता है इसलिए आवश्यक अनुमति दी जानी चाहिए। मानव अंग और ऊतक प्रतिरोपण अधिनियम के अनुसार अवयस्क द्वारा मानव अंग या ऊतक दान करने पर कोई पूर्ण प्रतिबंध नहीं है और एक नाबालिग को भी सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से अंग और ऊतक दान करने की अनुमति है।

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