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Delhi News: लाखों वाहनों की हर साल खत्म हो रही है मियाद, स्क्रैपिंग पर रहेगा जोर
Mon, 06 Feb 2023 03:53 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 06 Feb 2023 03:53 AM IST
सार
दिल्ली में अब तक 54 लाख से अधिक वाहनों का पंजीकरण रद्द हो चुका है। एजेंसियों के जरिये हर साल औसतन 10 हजार से भी कम वाहनों को ही स्क्रैप किया जा रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
दिल्ली सरकार की तरफ से वाहनों को स्क्रैप करने के लिए सुविधाओं की फिलहाल कमी होने लगी है। प्रदूषण पर शिकंजा कसने के लिए 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को स्क्रैप करने के लिए जब्त किया जा रहा है। मौजूदा स्क्रैपर में से तीन अधिकृत एजेंसियां ही दूसरे राज्य स्थित इकाईयों में वाहनों को स्क्रैप कर रही हैं। ऐसी स्क्रैपिंग एजेंसी जिनके पास रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (आरवीएसएफ)नहीं है, वहां वाहनों को स्क्रैप नहीं किया जा रहा है।
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अधिकृत एजेंसियां हर साल 10 हजार से भी कम वाहनों को स्क्रैप कर रही हैं, जबकि करीब 54 लाख वाहनों का पंजीकरण रद्द किया जा चुका है। परिवहन विभाग की तरफ से विशेष अभियान की शुरुआत के बाद जब्त होने वाले वाहनों की संख्या और बढ़ेंगी। दिल्ली में सरकार की ओर से अधिकृत आठ स्क्रैपिंग एजेंसियां चल रही थीं। परिवहन विभाग की तरफ से जारी एक आदेश के तहत 19 तारीख से इन एजेंसियों को बंद कर दिया है।
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परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आरवीएसएफ सुविधा के तहत मानकों को पूरा करने वाली एजेंसियां ही वाहनों को स्क्रैप कर सकती हैं। तीन ने उत्तर प्रदेश में लाइसेंस मिला है और जल्द ही शेष एजेंसियों के भी मानकों को पूरा करने पर वाहनों को स्क्रैप किया जा सकेगा।
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वाहनों को स्क्रैप करने की रफ्तार धीमी
दिल्ली में अब तक 54 लाख से अधिक वाहनों का पंजीकरण रद्द हो चुका है। एजेंसियों के जरिये हर साल औसतन 10 हजार से भी कम वाहनों को ही स्क्रैप किया जा रहा है। इनमें से अधिकतर पुराने वाहनों को दूसरे राज्यों में भेजने या कबाड़ का कारोबार करने वालों को बेच दिया जाता है। अधिकृत एजेंसियों पर वाहनों के निस्तारण पर अधिक खर्च होने की वजह से वाहन मालिक छोटे स्क्रैप कारोबारियों का रुख कर ले रहे हैं। ऐसे में समस्या यह है कि अगर वाहनों को स्क्रैप करने की रफ्तार इतनी कम रही तो दिल्ली से कबाड़ खत्म कैसे होगा।
70 फीसदी से अधिक दोपहिया वाहन
पुराने वाहनों में 70-80 फीसदी दोपहिया वाहन हैं जबकि शेष चार पहिया और बड़े वाहन हैं। कारोबारियों का कहना है कि पहले ही एजेंसियां कम हैं और नए मानकों के मुताबिक उन्हें तैयार होने तक बंद कर दिया गया है। इससे कारोबार में काफी नुकसान हो रहा है। परिवहन विभाग ने दोबारा पुराने वाहनों को जब्त करने की शुरुआत की है। ऐसे वाहनों को जब्त कर बाद में स्क्रैप किया जाएगा।
वाहनों को स्क्रैप करने की सुविधा नहीं हैं पर्याप्त
-हर साल लाखों वाहन हो रहे हैं इकट्ठा
-सरकारी दफ्तरों के पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के लिए भी परिवहन विभाग ने ब्यौरा मांगा है।
-आठ में से पांच एजेंसियां फिलहाल बंद, विशेष अभियान के तहत जब्त किए जा रहे हैं वाहन
-मानकों को पूरा करने वाली एजेंसियां ही कर सकेंगी वाहनों को स्क्रैप
-दिल्ली में कई जगह वाहनों का कबाड़