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सिसोदिया का आरोप: राज्यों को वैक्सीन देने की बजाय विज्ञापन छपवाकर अपनी छवि बचा रही केंद्र सरकार
Tue, 22 Jun 2021 01:27 AM IST
Vikas Kumar
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 22 Jun 2021 01:27 AM IST
सार
मनीष सिसोदिया ने कहा कि केवल अखबारों में विज्ञापन देकर केंद्र सरकार इसे दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन अभियान बता रही है, जबकि उसके पास अभी तक सभी राज्यों को देने के लिए वैक्सीन भी नहीं है।
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मनीष सिसोदिया
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि केंद्र सरकार लोगों को वैक्सीन देने की बजाय अखबारों में केवल विज्ञापन देकर अपनी छवि सुधार कर रही है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन लगाना राज्यों का काम है, यह काम राज्यों को ही करना चाहिए। लेकिन केवल श्रेय लेने की होड़ में केंद्र सरकार दिल्ली जैसे राज्यों को वैक्सीन उपलब्ध कराने की बजाय अपना प्रचार करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोगों के लिए 2.30 करोड़ वैक्सीन की जरूरत है और केंद्र सरकार इसे जल्द से जल्द उसे उपलब्ध कराने की कोशिश करे।
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मनीष सिसोदिया ने कहा कि केवल अखबारों में विज्ञापन देकर केंद्र सरकार इसे दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन अभियान बता रही है, जबकि उसके पास अभी तक सभी राज्यों को देने के लिए वैक्सीन भी नहीं है। उन्होंने कछुए की चाल से चल रहे कोरोना वैक्सीनेशन कार्यक्रम पर कई सवाल उठाए और कहा कि देश में वैक्सीन तो नहीं है लेकिन केंद्र सरकार और भाजपा अखबारों में वैक्सीन को लेकर बड़े-बड़े विज्ञापन छपवा रही है।
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उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमवार को अखबारों में केंद्र सरकार और भाजपा शासित राज्य सरकारों ने मोदी जी को धन्यवाद करते हुए 4-4 पेज का विज्ञापन दिया है। उन्हें यह समझना चाहिए कि जनता को वैक्सीन चाहिए, विज्ञापन नहीं। उन्होंने कहा कि जो पैसा विज्ञापन पर खर्च किया जा रहा है, उसे वैक्सीन पर खर्च किया जाता तो जनता के लिए विदेशों से भी वैक्सीन खरीदी जा सकती थी।
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