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दिल्ली: आठ अप्रैल को विचारधाओं का संगम बनेगी लोक संसद, केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान करेंगे उद्घाटन

Tue, 05 Apr 2022 08:21 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 05 Apr 2022 08:21 AM IST
सार

सोमवार वीपी हाउस में केएन गोविंदाचार्य ने बताया कि आजादी के 75 साल हो गए हैं। वक्त की जरूरत है कि आजाद भारत की इस यात्रा में हमने क्या-क्या पाया, क्या कुछ खोया, उसकी अंतिम व्यक्ति के नजरिए से समीक्षा करें।

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Lok Sansad will become a confluence of ideologies
विचारधाओं का संगम बनेगी लोक संसद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भाजपा के थिंक टैंक के तौर पर कभी मशहूर रहे दक्षिणपंथी विचारक केएन गोविंदाचार्य के संरक्षकत्व में एनडीएमसी कन्वेशन सेंटर में
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एक दिवसीय लोक संसद आयोजित होगी। आठ अप्रैल को केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान इसका उद्घाटन करेंगे। 

इस मौके पर परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद, राष्ट्रीय इमाम संघ के मुख्य इमाम डॉ. इमाम उमैर अहमद इलियासी, जलपुरूष राजेंद्र सिंह, गांधीवादी पीवी राजगोपाल, समाजवादी रघु ठाकुर समेत दूसरी शख्सियतें भी मौजूद रहेंगी।

मीडिया को इसकी जानकारी देते हुए सोमवार वीपी हाउस में केएन गोविंदाचार्य ने बताया कि आजादी के 75 साल हो गए हैं। वक्त की
जरूरत है कि आजाद भारत की इस यात्रा में हमने क्या-क्या पाया, क्या कुछ खोया, उसकी अंतिम व्यक्ति के नजरिए से समीक्षा करें।

हम सब जाति, क्षेत्र, भाषा, संप्रदाय व अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता से ऊपर उठकर भारत का जागरूक, संवेदनशील नागरिक बनकर सोचें और भारत को भारत के नजरिए से देखते हुए आगे की योजना तैयार करें। इसी मकसद से आठ अप्रैल को लोक संसद का आयोजन हो रहा है। उम्मीदन इससे लोकतंत्र की बुनियाद, विश्वास व संवाद की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।
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दूसरी तरफ अमेरिकी दूतावास के पूर्व राजनीतिक सलाहकार व लोक संसद के संयोजक दिनेश दुबे ने बताया कि लोक संसद सुबह 10
बजे से शाम छह बजे तक चलेगी। 

माता ललिता देवी सेवाश्रम संस्थान की तरफ से होने वाले इस आयोजन में विचारधारा की जगह विचार को अहमियत दी गई है। तभी लोक संसद देश में मौजूद सभी विचाधाराओं का संगम बनेगा। उद्घाटन के अलावा इसके सद्भाव संसद, समाज संसद व राज संसद नाम के तीन सत्र होंगे। हर सत्र में सत्र विशेष के विशेषज्ञ बतौर वक्ता अपनी बात रहेंगे।
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