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फर्जी कागजात से लिया करोड़ों का लोन, गिरफ्तार
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नोएडा के ध्यानार्थ
फर्जी कागजात से लिया करोड़ों का लोन, गिरफ्तार
ऋण लेने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में संपत्तियों में निवेश करता था
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। संपत्ति के फर्जी कागजात बैंकों में गिरवी रखकर करोड़ों का ऋण लेकर फरार एक जालसाज को आर्थिक अपराध शाखा ने सरोजनी नगर से गिरफ्तार किया है। शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान नोएडा के सेक्टर-150 निवासी धीरेंद्र कुमार यादव (42) के रूप में हुई है। ऋण लेने के बाद आरोपी नोएडा और ग्रेटर नोएडा में संपत्तियों में निवेश करता था।
फेडरल बैंक की मयूर विहार शाखा ने वर्ष 2020 में आर्थिक अपराध शाखा में फर्जीवाड़े की शिकायत की थी, जिसमें बताया कि कपड़ों का कारोबार करने वाली मेसर्स बालाजी ट्रेडिंग कंपनी ने बैंक से पांच करोड़ रुपये का ऋण लिया। इसके लिए कंपनी के मालिक धीरेंद्र कुमार यादव ने सुरक्षा स्टॉक और नोएडा के सेक्टर-15 की अपनी संपत्ति के कागजात को बैंक में गिरवी रखा। ऋण मिलने के एक वर्ष के भीतर आरोपी ने बैंक को किश्त देना बंद कर दिया। दस्तावेज की जांच में पता चला कि जिस संपत्ति को गिरवी रखा गया था, उसका फर्जी अनुमति पत्र तैयार किया था। उसके बाद बैंक ने शाखा में इसकी शिकायत की।
जांच के दौरान पुलिस ने बैंक और नोएडा प्राधिकरण से मूल फर्जी दस्तावेज जब्त किए। पुलिस ने आरोपी के बैंक खातों का विश्लेषण किया। जांच में पता चला कि आरोपी ने पहले ही अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को खाली कर दिया है या फिर बेचकर किसी अज्ञात स्थान पर स्थानांतरित हो गया है। उसका करोलबाग में कपड़े का कारोबार था। वह संपत्ति के जाली दस्तावेज के जरिये बैंक ऑफ इंडिया और कर्नाटक बैंक से भी ऋण ले चुका है।
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फर्जी कागजात से लिया करोड़ों का लोन, गिरफ्तार
ऋण लेने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में संपत्तियों में निवेश करता था
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। संपत्ति के फर्जी कागजात बैंकों में गिरवी रखकर करोड़ों का ऋण लेकर फरार एक जालसाज को आर्थिक अपराध शाखा ने सरोजनी नगर से गिरफ्तार किया है। शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान नोएडा के सेक्टर-150 निवासी धीरेंद्र कुमार यादव (42) के रूप में हुई है। ऋण लेने के बाद आरोपी नोएडा और ग्रेटर नोएडा में संपत्तियों में निवेश करता था।
फेडरल बैंक की मयूर विहार शाखा ने वर्ष 2020 में आर्थिक अपराध शाखा में फर्जीवाड़े की शिकायत की थी, जिसमें बताया कि कपड़ों का कारोबार करने वाली मेसर्स बालाजी ट्रेडिंग कंपनी ने बैंक से पांच करोड़ रुपये का ऋण लिया। इसके लिए कंपनी के मालिक धीरेंद्र कुमार यादव ने सुरक्षा स्टॉक और नोएडा के सेक्टर-15 की अपनी संपत्ति के कागजात को बैंक में गिरवी रखा। ऋण मिलने के एक वर्ष के भीतर आरोपी ने बैंक को किश्त देना बंद कर दिया। दस्तावेज की जांच में पता चला कि जिस संपत्ति को गिरवी रखा गया था, उसका फर्जी अनुमति पत्र तैयार किया था। उसके बाद बैंक ने शाखा में इसकी शिकायत की।
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जांच के दौरान पुलिस ने बैंक और नोएडा प्राधिकरण से मूल फर्जी दस्तावेज जब्त किए। पुलिस ने आरोपी के बैंक खातों का विश्लेषण किया। जांच में पता चला कि आरोपी ने पहले ही अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को खाली कर दिया है या फिर बेचकर किसी अज्ञात स्थान पर स्थानांतरित हो गया है। उसका करोलबाग में कपड़े का कारोबार था। वह संपत्ति के जाली दस्तावेज के जरिये बैंक ऑफ इंडिया और कर्नाटक बैंक से भी ऋण ले चुका है।
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