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Delhi News: विश्व रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा साहित्योत्सव संपन्न

Sat, 16 Mar 2024 08:50 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 16 Mar 2024 08:50 PM IST
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Literary festival concludes by registering its name in world record
बच्चों व दिव्यांग लेखकों के नाम रहा उत्सव का आखिरी दिन
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आओ कहानी बुनें कार्यक्रम में बच्चों ने दिखाई अपनी प्रतिभा

संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। साहित्य अकादमी की ओर से मंडी हाउस में आयोजित साहित्योत्सव का शनिवार को समापन हुआ। छह दिवसीय समारोह के आखिरी दिन अखिल भारतीय दिव्यांग सम्मेलन का आयोजन हुआ। इसमें विभिन्न सत्रों में दिव्यांग लेखकों व वक्ताओं ने भाग लिया।

इस दौरान महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में गोपी चंद नारंग के जीवन पर विशेष सत्र, बहुसांस्कृतिक समाज में अनुवाद, भारत की भाषाओं का संरक्षण, भारतीय संदर्भ में पुनर्लेखन, भारतीय अंग्रेजी लेखन और अनुवाद जैसे कई सत्र हुए। प्रख्यात अंग्रेजी विद्वान जी. जे. वी. प्रसाद ने कहा कि हम दिव्यांग तो नहीं हैं, लेकिन हमें उनके लिए सजग और स्नेह से कार्य करना होगा। उन्होंने दिव्यांगता को जन्मजात नहीं, बल्कि कई बार अज्ञानता और लापरवाही का परिणाम बताया। वहीं, अकादमी की उपाध्यक्ष कुमुद शर्मा ने दिव्यांगों की विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियों की चर्चा की। आयोजन में 24 भारतीय भाषाओं के दिव्यांग लेखक, हरीश नारंग, दामोदर खड़से, अन्विता अब्बी, रीता कोठारी, के. इनोक, देबाशीष चटर्जी, उदयनारायण सिंह, मंमग दई, सुकृता पॉल कुमार, शाफे किदवई, शमीम तारीक समेत कई अन्य मौजूद रहे।
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बच्चों को साहित्य से जोड़ने के लिए एक विशेष कार्यक्रम आओ कहानी बुनें भी रखा गया। इसमें दिल्ली-एनसीआर के लगभग 850 बच्चों ने भाग लिया। इसमें तरह-तरह के कार्यक्रम हुए, जिसमें चित्रकला, साहित्यिक प्रश्नोत्तरी व वक्तृत्व प्रतियोगिताएं शामिल रहीं। आयोजकों ने बताया कि इसका मकसद सोशल मीडिया की होड़ में बच्चों को साहित्य के करीब लेकर आना है।
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साहित्योत्सव आइंस्टीन वर्ल्ड रिकार्ड्स में दर्ज


समारोह को दुनिया का सबसे बड़ा साहित्योत्सव मानते हुए शनिवार को आइंस्टीन वर्ल्ड रिकार्ड्स, दुबई की टीम ने विश्व कीर्तिमान का प्रमाण-पत्र साहित्य अकादमी को सौंपा। यह सम्मान छह दिन चले आयोजन में 190 सत्रों में 1100 से अधिक लेखकों के भाग लेने व अकादमी द्वारा 175 से अधिक भाषाओं का प्रतिनिधित्व करने के लिए दिया गया।
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