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लद्दाख की छात्रा पद्मा आंगमो बनीं ‘खुशियों’ की ब्रांड एंबेसडर
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पद्मा आंगमो
- फोटो : Ashram
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर लद्दाख स्थित कारगिल के नवोदय विद्यालय की छात्रा पद्मा आंगमो को ‘खुशियों’ की ब्रांड एंबेसडर बनाने की घोषणा की। केंद्रीय मंत्री ने गार्गी नोडियाल, आर्या मनोज, धुव्र पटेल और आराधना समेत कई छात्राओं से बात की। छात्राओं ने अपने संदेश में बेटियों को शिक्षित करने पर जोर दिया। उनका मानना था कि यदि एक बेटी शिक्षित होती है तो पूरा परिवार और समाज शिक्षित होगा, इसलिए बेटे-बेटी में भेदभाव भुलाकर दोनों को समान रूप से आगे बढ़ने का मौका दिया जाना चाहिए।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कार्यक्रम में सीबीएसई के 50 स्कूलों की 120 ग्राफिक कॉमिक्स का विमोचन भी किया। इन कॉमिक्स में तीसरी से 12वीं कक्षा तक के 12 विषयों को शामिल किया गया है। यह शैक्षणिक सामग्री के पुनर्निर्माण के साथ जीवन कौशल और लैंगिक संवेदनशीलता, महिला सशक्तीकरण और नैतिक शिक्षा की बारीकियों पर फोकस है।
केंद्रीय मंत्री ने छात्राओं से कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा है कि दुनिया में कहीं भी हमारे देश जैसी पवित्र, स्वतंत्र, आत्मनिर्भर तथा सहृदय महिलाएं नहीं हैं। यह महिलाएं ही हैं जो इस देश की आत्मा और जीवन हैं। सीखने की सभी पद्धतियों और संस्कृति का केंद्र इन महिलाओं में ही निहित है, इसीलिए हमारे देश में स्त्री देवी, मातृशक्ति एवं प्रकृति का प्रतीक है। इनके माध्यम से समृद्धि, सृजनात्मकता, सामंजस्य और खुशहाली का आगाज होता है।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कार्यक्रम में सीबीएसई के 50 स्कूलों की 120 ग्राफिक कॉमिक्स का विमोचन भी किया। इन कॉमिक्स में तीसरी से 12वीं कक्षा तक के 12 विषयों को शामिल किया गया है। यह शैक्षणिक सामग्री के पुनर्निर्माण के साथ जीवन कौशल और लैंगिक संवेदनशीलता, महिला सशक्तीकरण और नैतिक शिक्षा की बारीकियों पर फोकस है।
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केंद्रीय मंत्री ने छात्राओं से कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा है कि दुनिया में कहीं भी हमारे देश जैसी पवित्र, स्वतंत्र, आत्मनिर्भर तथा सहृदय महिलाएं नहीं हैं। यह महिलाएं ही हैं जो इस देश की आत्मा और जीवन हैं। सीखने की सभी पद्धतियों और संस्कृति का केंद्र इन महिलाओं में ही निहित है, इसीलिए हमारे देश में स्त्री देवी, मातृशक्ति एवं प्रकृति का प्रतीक है। इनके माध्यम से समृद्धि, सृजनात्मकता, सामंजस्य और खुशहाली का आगाज होता है।
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