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आधुनिक मशीन से हर घंटे बनती हैं चार हजार चपातियां, लंगर में हर दिन खाते हैं 15 हजार
Wed, 06 Jan 2021 05:56 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 06 Jan 2021 05:56 AM IST
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गाजीपुर बॉर्डर पर लंगर की तैयारी करती महिलाएं..
- फोटो : amar ujala
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गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों को भोजन की कोई समस्या न हो इसके लिए कई लंगर चल रहे हैं। बीते कई दिनों से यहां किसानों के अलावा आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोग भी भोजन कर रहे हैं। इनमें एक लंगर श्री हजूर साहिब (नांदेड़ वाले )की ओर से भी लगाया गया है। जहां रोजाना 15 हजार लोगों को खाना खिलाया जा रहा है।
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लंगर व्यवस्था की देखरेख करने वाले बलजिंदर सिंह मान ने बताया कि आंदोलन की शुरुआत में ही यह लंगर लगा दिया गया था। तब से आंदोलनरत किसानों को तीनों समय का भोजन कराया जा रहा है। बीते कई दिनों से यहां आस-पास के क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी लंगर का प्रसाद लेने के लिए आ रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि सभी के लिए खाने की गुणवत्ता और पौष्टिकता आदि का पूरा ख्याल रखा जाता है। खाने में उच्च गुणवत्ता के घी और तेल का प्रयोग होता है। साथ ही सब्जियों की ताजगी तथा पौष्टिकता को सुनिश्चित करने के लिए सीधे आजादपुर मंडी से खरीदा जाता है।
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लंगर संचालक गुरप्रीत सिंह बताते हैं कि ने लंगर में चपाती बनाने के लिए आधुनिक मशीन लगाई गई है। यह मशीन दिन के 8 घंटे चलती हैं और प्रति घंटा 4,000 चपाती बनाती है। प्रसाद लेने आए लोगों को हर दि अलग-अलग सब्जी में खिलाई जाती है। सप्ताह में 2 दिन खीर और जलेबी भी बनती है। उन्होंने कहा जब तक यह आंदोलन चलता रहेगा लंगर में लोगों को खाना खिलाने का यह सिलसिला जारी रहेगा।