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Kanjhawala Case : शुरुआती जांच में खुलासा- 2 पिकेट और 5 पीसीआर भी नहीं देख पाईं आरोपियों की कार, और भी कई झोल

Thu, 05 Jan 2023 04:39 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 05 Jan 2023 04:39 AM IST
सार

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों में भी इस मामले में कोई सक्रियता नहीं दिखाई। पुलिस की किसी भी यूनिट की प्रतिक्रिया ठीक नहीं थी। हादसे के ढाई घंटे बाद तक किसी अधिकारी के पास कोई कार्ययोजना नहीं थी।

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Kanjhawala Case : Zone and district police officers were not active for two hours after the incident
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विस्तार

सुल्तानुपरी कांड की जांच के लिए विशेष पुलिस आयुक्त की देखरेख में बनी कमेटी की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ कि हादसे के दो घंटे बाद तक जोन-दो व एक और बाहरी व रोहिणी जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सक्रिय तक नहीं हुए थे। साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों में भी इस मामले में कोई सक्रियता नहीं दिखाई।

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पुलिस की किसी भी यूनिट की प्रतिक्रिया ठीक नहीं थी। हादसे के ढाई घंटे बाद तक किसी अधिकारी के पास कोई कार्ययोजना नहीं थी। खास बात यह है कि जोन-दो के इलाके में युवती को करीब 11 किलोमीटर घसीटा गया। युवती अंजलि को घसीटने जाने वाले 13 किमी के स्ट्रेच पर 24 घंटे की दो पिकेट थीं और पांच पीसीआर थीं। लेकिन पिकेट पर तैनात पुलिसकर्मी व पीसीआर कर्मी भी आरोपियों की कार देख नहीं पाए।
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गृह मंत्रालय के आदेश पर दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा की ओर से विशेष पुलिस आयुक्त शालिनी सिंह की देखरेख में बनी विशेष जांच टीम की शुरुआती जांच में पीसीआर के वरिष्ठ अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आई है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कमेटी ने बुधवार शाम तक दिल्ली पुलिस आयुक्त को रिपोर्ट नहीं सौंपी थी। अभी इसमें एक-दो दिन बाद का वक्त लग सकता है।
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जांच कमेटी की शुरुआती रिपोर्ट में पता लगा कि बाहरी व रोहिणी जिले के वरिष्ठ अधिकारियों में समन्वय भी नहीं था। रोहिणी जिला पुलिस सक्रिय नहीं थी। दोनों जोन के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सक्रिय नहीं दिखाई दिए। हालांकि, रिपोर्ट में किसी अधिकारी का नाम नहीं है।



जांच कमेटी के सामने यह भी बात सामने आई है कि रिपोर्ट में 13 किमी के रूट पर पांच पीसीआर वैन तैनात थीं। पीसीआर की रेस्पांस टाइम भी ठीक नहीं था। कहा जा रहा है कि पीसीआर के सीनियर अधिकारी भी समय से सक्रिय नहीं थे। दूसरी तरफ मृतका के परिजनों ने निधि पर हत्या का आरोप लगाया है। सुल्तानपुरी थाना पुलिस पांचों आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है। आरोपियों की रिमांड अवधि बृहस्पतिवार को खत्म हो रही है।

पीसीआर यूनिट ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को रिपोर्ट सौंपी
दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने सुल्तानपुरी कांड पर दिल्ली पुलिस की सभी यूनिटों से रिपोर्ट मांगी है। पीसीआर यूनिट ने मंगलवार शाम को पुलिस आयुक्त को रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट की खास बातें : -

  • 13 किलोमीटर के रूट पर तैनात थीं 5 पीसीआर वैन
  • कांड की 5 -6 पीसीआर कॉल हुई
  • चश्मदीद दीपक से 20 से ज्यादा बार पुलिस अफसरों ने बात की
  • उसके बाद आरोपियों को पकडऩे के लिए कुल 9 पीसीआर वैन को लगाया गया
  • पहली पीसीआर कॉल रात 2.18 बजे मिली जिसमें एक शख्स ने दुर्घटना के बारे में बताया
  • दूसरी पीसीआर कॉल 2.20 पर मिली। यह भी दुर्घटना के बारे में थी
  • इसके बाद 2 पीसीआर कॉल 3.24 बजे के आसपास दीपक ने की, उसने बताया कि कार में किसी का शव लटका है
  • फिर 4.26 बजे और 4.27 बजे साहिल नाम के शख्स ने 2 पीसीआर कॉल कर बताया कि सड़क पर एक महिला का शव पड़ा है
  • उस रास्ते पर कुल 5 पीसीआर वैन थीं,लेकिन सीरियस कॉल को देखते हुए कुल 9 पीसीआर वैन को लगाया गया
  • लेकिन कोई भी पीसीआर कार को नहीं खोज पाई। दलील दी जा रही है कि रात में धुंध थी और पीसीआर के पहुंचने के पहले कार निकल जाती थी, जबकि पीसीआर का रिस्पॉन्स टाइम ठीक था
  • आरोपियों को पता था की उन्होंने स्कूटी सवार लड़की को टक्कर मारी है
  • उन्होंने 2 - 3 बार लडकी को कार आगे पीछे कर कुचला
  • आरोपियों ने ढाई किलोमीटर घसीटने के बाद लडकी का घिसटता हाथ देख लिया था
  • आरोपियों को लग गया था कार में कुछ अटका हुआ है
  • उन्होंने बाहर देखा तो लड़की का हाथ दिखाई दिया
  • लेकिन रास्ते में खड़ी एक पीसीआर को देखकर फिर से युवती को घसीटने लग
  • युवती को गिराने के लिए कार से 2 बार से ज्यादा यू-टर्न मारा था
  • महज 24 सेकंड की थी दर्दनाक दुर्घटना
  • इस दौरान कार चार थाना इलाका सुल्तानपुरी, अमन विहार, प्रेम नगर व कंझावला थाना इलाके से गुजरी

मृतका के परिजनों ने सहेली निधि पर लगाया हत्या का आरोप

अंजलि के परिजनों ने सहेली निधि पर हत्या का आरोप लगाया है। कहा है कि निधि ने होटल में सभी लड़कों को बुलाया था। परिजनों का कहना है कि अंजलि की हत्या में निधि भी शामिल थी।

पीड़ित युवती के मामा का आरोप है कि निधि ने पांच-सात युवकों को होटल में बुलाया था। उन्होंने मांग की है कि निधि से सख्ती से पूछताछ की जाए। मामा का कहना है कि यदि उसके सामने एक्सीडेंट हुआ था तो यह बात तुरंत क्यों नहीं बताई। पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी गई।

शराब पीने का दावा खारिज
अंजलि की मां और मामा ने निधि के इस दावे को खारिज कर दिया है कि अंजलि शराब पीती थी। अंजलि के मामा का कहना है कि निधि झूठ बोल रही है। अंजलि को शराब पीने का कोई शौक नहीं था। अगर उस रात अंजलि ने शराब पी होती तो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इसका पता चल जाता। इसी से साबित हो रहा है कि निधि झूठ बोल रही है। वह पहले छिपी रही और अब जब उसकी सहेली का अंतिम संस्कार हो गया तो सामने आ गई। आरोपियों को मौत की सजा मिलनी चाहिए।

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