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मिशन रफ्तार: कुरुक्षेत्र-नरवाना के बीच सरपट दौड़ेगी ट्रेन, इलेक्ट्रॉनिक सिग्नलिंग सिस्टम से लैस किए गए स्टेशन
Tue, 13 Jul 2021 05:51 AM IST
Vikas Kumar
नवनीत शरण, अमर उजाला, नई दिल्ली
नवनीत शरण, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 13 Jul 2021 05:51 AM IST
सार
उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल के कलायत और कैथल स्टेशन कोइलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग सिगनलिंग सिस्टम के काम को पूरा कर लिया गया है। इन दोनों स्टेशनों पर पुरानेयांत्रिक सिगनलिंग सिस्टमको आधुनिक सिगनलिंग में बदल गया है।
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कैथल, कलायल, पिहोवा रोड स्टेशन को इलेक्ट्रॉनिक सिग्नलिंग सिस्टम से लैस किया गया
- फोटो : amar ujala
विस्तार
अब माउस के एक क्लिक से स्टेशन से पास करने वाली ट्रेन को हरी झंडी मिल जाएगी। लीवर के माध्यम से ट्रेन के सिग्नलिंग सिस्टम की जगह इलेक्ट्रानिक सिग्नलिंग सिस्टम से ऑपरेट किया जाएगा। दरअसल रेलवे ने मिशन रफ्तार के तहत रेलवे ने स्टेशनों को इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग से लैस करने का काम तेज कर दिया है। दिल्ली रेल मंडल के तीन स्टेशनों को इस सिस्टम से लैस कर दिया गया है। पुराने यांत्रिक सिग्नलिंग सिस्टम की जगह इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग सिस्टम में परिवर्तित किया गया है। इससे इस रूट से चलने वाली ट्रेन की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रतिघंटे से बढ़कर 100 किलोमीटर प्रतिघंटे हो जाएगी।
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उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल के कलायत और कैथल स्टेशन कोइलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग सिगनलिंग सिस्टम के काम को पूरा कर लिया गया है। इन दोनों स्टेशनों पर पुरानेयांत्रिक सिगनलिंग सिस्टमको आधुनिक सिगनलिंग में बदल गया है। साथ ही पिहोवारोड स्टेशन पर इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग से ट्रेनों का संचालन शुरू भी कर दिया गया है। पहले इन स्टेशनों मेंमैकेनिकल सिगनलिंग सिस्टम थे और सिग्नल इंटरलॉकिंग के लिए लीवर फ्रेम का उपयोग किया जाता था। नए सिगनलिंग सिस्टम से माउस के एक क्लिक सेसिगनल और ट्रैक बदलने का कार्य करना संभव होगा।
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किस रूट के यात्रियों को मिलेगा फायदा
कुरुक्षेत्र से नरवाना रेल रूट पर कैथल व कलायत रेलवे स्टेशन है। इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से होती थी। कैथल व कलायत स्टेशन को इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग की सुविधा मिल जाने से अब इस रूट पर 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलेगी। इतना ही नहीं नई दिल्ली-नरवाना-कुरुक्षेत्र रूट पर भी ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी। फिर कुरुक्षेत्र से अमृतसर की दूरी भी कम समय में पूरी होगी। इसी तरह नई दिल्ली-कुरुक्षेत्र-नरवाना होकर बठिंडा जाने वाली ट्रेनों की रफ्तार अब धीमी नहीं होगी।
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हरियाणा के ग्रामीण इलाके के लोगों को मिलेगा फायदा
नरवाना-कुरुक्षेत्र के बीच इन स्टेशनों के इलेक्ट्रॉनिक सिग्नलिंग सिस्टम से लैस होने से हरियाणा के कई ग्रामीण इलाके के लोगों का जनजीवन भी बेहतर होगा। हरियाणा के थानेश्नर, टीक, कुतुबपुर, गुरथरी हॉल्ट, जस मोहिंदर हॉल्ट, पिंडारसी के लोगों का हरियाणा के मुख्य शहर कुरुक्षेत्र तक आना-जाना सुगम हो जाएगा। ग्रामीण आबादी को का जनजीवन बेहतर होगा। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों कुरुक्षेत्र स्टेशन पहुंचकर अमृतसर की तरफ भी तेज रफ्तार वाली ट्रेन यात्रा कर सकेंगे तो वहीं नई दिल्ली भी आने में आसानी होगी। इसी तरह नरवाना स्टेशन पहुंचकर बठिंडा व नई दिल्ली तक पहुंच बढ़ेगी।
आधुनिक इलेक्ट्रानिक्स इंटरलॉकिंग सिस्टम के साथ मैकेनिकल इंटरलॉकिंग सिस्टम को बदला गया है। इससे ट्रेनों की अधिकतम 50 किमी प्रति घंटे की गति से चलने वाली ट्रेन इन स्टेशनों से 100 किमीप्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। न केवल ट्रेन यातायात की सुरक्षा और दक्षता बढ़ेगी बल्कि गति भी बढ़ जाएगी। ट्रेनोंको यार्ड से लाने व वापस भेजने में भी सुविधा होगी। इस पहल से हरियाणा की बड़ी आबादी को सुविधा मिलेगी। -पुनीत चावला, सीएमडी रेलटेलइंटरप्राइजेज लिमिटेड