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जेएनयू छात्रसंघ चुनाव: मतगणना में हुआ हाईवोल्टेज ड्रामा, आखिरी 100 वोट का रुझान नहीं होगा जारी
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जेएनयू छात्र संघ चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के तहत शुक्रवार को मतदान के बाद शाम को शुरू हुआ हाईवोल्टेज ड्रामा शनिवार शाम तक जारी रहा। चुनाव आयुक्त और छात्र संगठनों की बैठक चलती रही। शनिवार शाम साढ़े चार बजे चुनाव आयुक्त ने मतगणना दोबारा शुरू करने का फैसला लिया। अदालत ने परिणाम जारी करने पर रोक लगाई है। इसलिए चुनाव आयुक्त मतगणना के साथ हर राउंड में रुझानों की जानकारी छात्रों से साझा कर रहा है, लेकिन सेंट्रल और काउंसलर पदों के आखिरी सौ वोट का रुझान सार्वजनिक नहीं होगा। इस बाबत पोलिंग एजेंट से शपथ पत्र लिया गया, जिसमें वे मतगणना से जुड़ी जानकारी बाहर साझा नहीं करेंगे।
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शुक्रवार को 68 फीसदी मत प्रतिशत के साथ मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। हालांकि, मतदान पूरा होने से पहले अदालत द्वारा परिणाम पर रोक के चलते कैंपस में माहौल गरमा गया था। लेफ्ट और चुनाव आयोग विश्वविद्यालय प्रबंधन पर चुनाव में हस्तक्षेप का आरोप लगाता रहा। अदालत के आदेश के कारण चुनाव आयोग मतगणना शुरू करने पर कोई फैसला नहीं ले सका। शुक्रवार रात 10 से साढ़े 11 बजे तक छात्र संगठनों के साथ बैठक में मतगणना शुरू करने पर मंथन होता रहा। करीब 12 बजे के बाद मतगणना शुरू करने का फैसला लिया गया, लेकिन शुरू नहीं हुई। आखिरकार, शनिवार शाम साढ़े चार बजे मतगणना शुरू करने का फैसला हुआ। गौरतलब है कि जेएनयू संविधान में बदलाव को लेकर काउंसलर पदों पर उठा विवाद अदालत पहुंचा और रिजल्ट जारी करने पर रोक लग गई।
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डीन ऑफ स्टूडेंट के पर्यवेक्षक रखने की मांग ठुकरायी
अदालत द्वारा रिजल्ट पर रोक लगाने के चलते डीन ऑफ स्टूडेंट मतगणना स्थल पर पोलिंग एजेंट के स्थान पर विश्वविद्यालय के पर्यवेक्षक बिठाना चाहते थे, लेकिन चुनाव आयोग ने पर्यवेक्षक की मांग को ठुकरा दिया। इसके बाद छात्र संगठनों के पोलिंग एजेंट पोलिंग अंडरटेकिंग देकर मतगणना का निरीक्षण कर रहे हैं।
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100 और 150 वोटों की नहीं होगी गिनती
सूत्रों के मुताबिक, सेंट्रल पैनल में 100 और काउंसलर पदों के लिए 150 आखिरी वोट की मतगणना नहीं होगी। चुनाव आयोग ने फैसला लिया है कि सेंट्रल पैनल के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव व सचिव पद के तहत आखिरी 100 वोट जब रह जाएंगे तो उसका रुझान मतगणना स्थल से बाहर नहीं जाएगा, जबकि काउंसलर पद में 150 वोट का रुझान भी सार्वजनिक नहीं होगा। इन वोटों की गिनती करके उसका रिजल्ट अदालत को सौंपा जाएगा।
लेफ्ट यूनिटी और एबीवीपी में मुकाबला
शाम साढ़े चार बजे शुरू मतगणना का पहला रुझान साढ़े सात बजे आया। चुनाव आयुक्त ने छात्रों को रुझान की जानकारी दी। मतगणना का पहला राउंड लेफ्ट का गढ़ माने जाने वाले स्कूल ऑफ लैंग्वेज के नाम रहा। इसमें अध्यक्ष पद में लेफ्ट यूनिटी की आईशी घोष को 78, एबीवीवी के मनीष जांगिड को 28, एनएसयूआई के प्रशांत कुमार को 26 और बापसा के जितेंद्र को 14 वोट मिले हैं। राजद की प्रियंका भारती के नाम दो वोट रहे। इसके अलावा हाईकोर्ट से विशेष अनुमति के बाद चुनाव मैदान में जुटे राघवेंद्र मिश्रा को एक भी वोट नहीं मिली। उपाध्यक्ष पद पर लेफ्ट यूनिटी को 106, एबीवीपी को 30 वोट, महासचिव पद में लेफ्ट को 74 और एबीवीपी को 37 और सचिव में लेफ्ट को 104 और एबीवीपी को 33 वोट मिले हैं।