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तीन साल पुराना मामला: जेएनयू प्रशासन ने छात्रसंघ अध्यक्ष आयशी को जारी किया कारण बताओ नोटिस, एक सप्ताह में मांगा जवाब
Tue, 15 Jun 2021 12:07 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 15 Jun 2021 12:07 AM IST
सार
आयशी घोष को इस नोटिस का जवाब 21 जून को शाम पांच बजे तक देना है। नोटिस में लिखा है कि वह जवाब नहीं देती हैं तो यह मान लिया जाएगा कि उनके पास अपनी सफाई में कहने के लिए कुछ नहीं है और विवि प्रशासन उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करेगा।
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जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आयशी घोष
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
वर्ष 2018 में किए गए एक प्रदर्शन को अनुशासनहीनता और कदाचार बताते हुए जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने छात्रसंघ अध्यक्ष आईषी घोष और कुछ अन्य छात्रों को नोटिस जारी किया है। इस नोटिस का जवाब 21 जून तक देने को कहा गया है।
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जेएनयू के प्रॉक्टर रजनीश कुमार मिश्रा ने बताया कि 5 दिसंबर 2018 को स्कूल ऑफ सोशल साइंस के बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक के दौरान आईषी और उनके साथियों ने अनुशासनहीन और अमर्यादित व्यवहार किया था। इस कारण बैठक बाधित हो गई थी। इसके अलावा भी फीस वृद्धि के मामले में छात्रसंघ के प्रदर्शन के कारण जेएनयू में पढ़ाई और सामान्य कामकाज कई दिन तक प्रभावित रहा था।
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विवि ने 11 जून को जारी नोटिस में कहा है कि नियमों के खिलाफ की गई इस हरकत के लिए क्यों न आईषी और उनके साथियों के खिलाफ अनुशासनहीनता की कार्रवाई की जाए। उनसे जब पूछा गया कि प्रदर्शन के करीब ढाई साल बाद नोटिस क्यों जारी किया गया है तो मिश्रा ने कहा कि अप्रैल 2020 से कोरोना का प्रकोप शुरू हो गया था। इसी कारण कार्रवाई में देरी हुई है।
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उधर, आईषी ने कहा कि कोविड-19 के कारण विश्वविद्यालय का सामान्य कामकाज ठप है, लेकिन विद्यार्थियों का उत्पीड़न करने के लिए विवि प्रबंधन लगातार उन्हें डराने की कार्रवाई कर रहा है। एक फेसबुक पोस्ट में आईषी ने कहा कि जेएनयू परिसर में जल संकट जारी है। छात्रों का टीकाकरण नहीं किया जा रहा है, लेकिन मुख्य प्रॉक्टर कार्यालय विद्यार्थियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई में जुटा है।