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चुनाव कमेटी ने जीआरसी के आरोपों को नकारा, नियम से मतदान व गिनती
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चुनाव कमेटी ने जीआरसी के आरोपों को नकारा
नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2019 को लेकर वामपंथी छात्र संगठन और विश्वविद्यालय प्रबंधन आमने-सामने आ गया है। चुनाव कमेटी ने शिकायत प्रकोष्ठ समिति के नोटिस का जवाब दिया है। समिति ने नोटिस में लगे आरोपों को नकारते हुए कहा कि मतदान और मतगणना जेएनयू संविधान और लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के तहत आयोजित हुए हैं। उधर, वामपंथी छात्र संगठनों ने बृहस्पतिवार देर शाम कैंपस में प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश जताया। इस दौरान पुतला भी फूंका गया।
विश्वविद्यालय की शिकायत प्रकोष्ठ समिति के चेयरपर्सन प्रो. उमेश अशोक कदम की ओर से भेजे गए नोटिस पर चुनाव कमेटी ने साझा जवाब दिया। 48 सदस्यों की ओर से भेजे गए नोटिस में जवाब में साफ लिखा है कि प्रो. कदम के आरोप गलत हैं। चुनाव में किसी भी प्रकार से नियमों का उल्लंघन नहीं हुआ। उधर, साबरमती ढाबा के सामने वामपंथी छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। देर रात तक चले प्रदर्शन को पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एन साई बालाजी ने संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय अपनी मनमर्जी चलाना चाहता था। हालांकि, चुनाव कमेटी ने विश्वविद्यालय की गलत नीतियों को नहीं चलने दिया, इसलिए अब चुनाव में नियमों का उल्लंघन का मामला उछाला जा रहा है। देर रात तक छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
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नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2019 को लेकर वामपंथी छात्र संगठन और विश्वविद्यालय प्रबंधन आमने-सामने आ गया है। चुनाव कमेटी ने शिकायत प्रकोष्ठ समिति के नोटिस का जवाब दिया है। समिति ने नोटिस में लगे आरोपों को नकारते हुए कहा कि मतदान और मतगणना जेएनयू संविधान और लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के तहत आयोजित हुए हैं। उधर, वामपंथी छात्र संगठनों ने बृहस्पतिवार देर शाम कैंपस में प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश जताया। इस दौरान पुतला भी फूंका गया।
विश्वविद्यालय की शिकायत प्रकोष्ठ समिति के चेयरपर्सन प्रो. उमेश अशोक कदम की ओर से भेजे गए नोटिस पर चुनाव कमेटी ने साझा जवाब दिया। 48 सदस्यों की ओर से भेजे गए नोटिस में जवाब में साफ लिखा है कि प्रो. कदम के आरोप गलत हैं। चुनाव में किसी भी प्रकार से नियमों का उल्लंघन नहीं हुआ। उधर, साबरमती ढाबा के सामने वामपंथी छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। देर रात तक चले प्रदर्शन को पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एन साई बालाजी ने संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय अपनी मनमर्जी चलाना चाहता था। हालांकि, चुनाव कमेटी ने विश्वविद्यालय की गलत नीतियों को नहीं चलने दिया, इसलिए अब चुनाव में नियमों का उल्लंघन का मामला उछाला जा रहा है। देर रात तक छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
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