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Delhi News: शर्मनाक है कि दिल्ली सरकार टिन शेड वाले स्कूल चला रही
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सरकार को नोटिस जारी करते हुए हाईकोर्ट ने स्कूलों में छात्रों के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध न कराने पर की कड़ी टिप्पणी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को स्कूलों की खराब हालत पर दाखिल याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली सरकार को फटकार लगाई। मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व वाली पीठ ने सरकार को नोटिस जारी करते हुए स्कूलों में छात्रों के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध न कराने पर कड़ी टिप्पणी की। न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने कहा, हम 2025 में हैं और यह बहुत शर्मनाक है कि दिल्ली सरकार टिन शेड वाले स्कूल चला रही है, जहां छात्रों की सुरक्षा खतरे में है। ये न केवल टिन शेड हैं, बल्कि इनमें दीवारें, उचित डेस्क, ब्लैकबोर्ड आदि भी नहीं हैं। कोर्ट ने कहा कि यह स्थिति निजी स्कूलों से प्रतिस्पर्धा करने में भी बाधा डाल रही है।
याचिका में सर्वोदय कन्या विद्यालय, जीनत महल, कमला मार्केट, गवर्नमेंट गर्ल्स सेकेंडरी स्कूल, अशोक नगर और गवर्नमेंट बॉयज सेकेंडरी स्कूल, अशोक नगर में टिन शेड क्लासरूम्स की समस्या उठाई गई है। इन स्कूलों में करीब 1400 छात्र टिन शेड में पढ़ने को मजबूर हैं, जहां गर्मी में तापमान असहनीय और बारिश में छत से पानी टपकता है। याचिका में दावा किया गया कि यह छात्रों के शिक्षा के मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 21-ए) का उल्लंघन है। दिल्ली सरकार के स्थायी वकील एडवोकेट समीर वशिष्ठ ने एक सप्ताह का समय मांगा और सुधार के लिए आश्वासन दिया। कोर्ट ने वशिष्ठ से कहा, आपको खुद इन स्कूलों का दौरा करना चाहिए, क्योंकि याचिकाकर्ता और सोशल ज्यूरिस्ट की तरफ से पेश वकील अशोक अग्रवाल कब तक इनका जायजा लेंगे? अग्रवाल ने कोर्ट को बताया कि शिक्षा सचिव ने 2024 में बुनियादी ढांचा विकसित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि विकलांग छात्रों (37 छात्र अशोक नगर स्कूल में) के लिए कोई विशेष सुविधा नहीं है और छात्रों ने टिन शेड से निजात पाने की गुहार लगाई है। सुनवाई की अगली तारीख 17 सितंबर 2025 तय की गई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को स्कूलों की खराब हालत पर दाखिल याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली सरकार को फटकार लगाई। मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व वाली पीठ ने सरकार को नोटिस जारी करते हुए स्कूलों में छात्रों के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध न कराने पर कड़ी टिप्पणी की। न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने कहा, हम 2025 में हैं और यह बहुत शर्मनाक है कि दिल्ली सरकार टिन शेड वाले स्कूल चला रही है, जहां छात्रों की सुरक्षा खतरे में है। ये न केवल टिन शेड हैं, बल्कि इनमें दीवारें, उचित डेस्क, ब्लैकबोर्ड आदि भी नहीं हैं। कोर्ट ने कहा कि यह स्थिति निजी स्कूलों से प्रतिस्पर्धा करने में भी बाधा डाल रही है।
याचिका में सर्वोदय कन्या विद्यालय, जीनत महल, कमला मार्केट, गवर्नमेंट गर्ल्स सेकेंडरी स्कूल, अशोक नगर और गवर्नमेंट बॉयज सेकेंडरी स्कूल, अशोक नगर में टिन शेड क्लासरूम्स की समस्या उठाई गई है। इन स्कूलों में करीब 1400 छात्र टिन शेड में पढ़ने को मजबूर हैं, जहां गर्मी में तापमान असहनीय और बारिश में छत से पानी टपकता है। याचिका में दावा किया गया कि यह छात्रों के शिक्षा के मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 21-ए) का उल्लंघन है। दिल्ली सरकार के स्थायी वकील एडवोकेट समीर वशिष्ठ ने एक सप्ताह का समय मांगा और सुधार के लिए आश्वासन दिया। कोर्ट ने वशिष्ठ से कहा, आपको खुद इन स्कूलों का दौरा करना चाहिए, क्योंकि याचिकाकर्ता और सोशल ज्यूरिस्ट की तरफ से पेश वकील अशोक अग्रवाल कब तक इनका जायजा लेंगे? अग्रवाल ने कोर्ट को बताया कि शिक्षा सचिव ने 2024 में बुनियादी ढांचा विकसित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि विकलांग छात्रों (37 छात्र अशोक नगर स्कूल में) के लिए कोई विशेष सुविधा नहीं है और छात्रों ने टिन शेड से निजात पाने की गुहार लगाई है। सुनवाई की अगली तारीख 17 सितंबर 2025 तय की गई है।
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