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दिल्ली दंगा: इशरत जहां ने खुद को बताया निर्दोष, दंगे के षडयंत्र में शामिल होने का कोई सबूत नहीं, अदालत से मांगी जमानत
Fri, 23 Jul 2021 09:11 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Fri, 23 Jul 2021 09:11 PM IST
सार
इशरत जहां के वकील ने कहा कि पुलिस ने उनकी मुवक्किला को फर्जी तरीके से गलत मामले में फंसाया है। उन्होंने कहा कि इशरत जहां के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्होंने उसके जीवन के संबंधी में जानकारी देते हुए कहा कि वह वकील रही हैं और एक युवा राजनीतिक है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
दिल्ली दंगे के आरोपी कांग्रेस की पूर्व पाषर्द इशरत जहां ने ने स्वयं को निर्दोष बताया है। उसने कहा कि उसके खिलाफ ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है कि वह दंगे के षडयंत्र में शामिल थी। जमानत आवेदन पर सुनवाई के दौरान आरोपी ने कहा कि उसे फर्जी मामले में फंसाया गया है।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत के समक्ष मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से पेश अधिवक्ता प्रदीप तेवतियां ने वर्ष 2019 में इशरत जहां द्वारा किए गए वित्तीय लेन-देन संबंधी दस्तावेज पेश करते हुए कहा कि ऐसा कोई भी लेनदेन नहीं है कि उनकी मुवक्किला ने दंगे की साजिश रची व पैसों से सहायता की।
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उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनकी मुवक्किला को फर्जी तरीके से गलत मामले में फंसाया है। उन्होंने कहा कि इशरत जहां के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्होंने उसके जीवन के संबंधी में जानकारी देते हुए कहा कि वह वकील रही हैं और एक युवा राजनीतिक है। वे एक ऐसे वार्ड से विजयी रही जहां मुसलमानों की संख्या कम थी।
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दोनों संप्रदायों के लोगों ने उनकी प्रतिष्ठा को देख वोट दिया था। उक्त वार्ड से कोई मुस्लिम भी नहीं जीता था। उन्होंने कहा कि उनकी मुवक्किला एक लोकप्रिय महिला है। पुलिस के पास ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है कि वह षड्यंत्र में संलिप्त थी। इसके अलावा मामले में सहआरोपियों को जमानत मिल चुकी है। ऐसे में उनकी जमानत स्वीकार की जाए। अदालत ने अभियोजन पक्ष को अपना पक्ष रखने का समय प्रदान करते हुए सुनवाई 2 अगस्त तय कर दी।