अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: खाकी ने किया तरंगिनी कार्यक्रम का आयोजन, पुलिस आयुक्त ने 50 हजार महिलाओं से किया संवाद
पुलिस आयुक्त ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने शहर में महिलाओं की सुरक्षा और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विभिन्न योजनाएं और पहल शुरू की हैं। आम महिलाओं की जानकारी क लिए इन सभी उपायों (एसपीयूडब्ल्यूएसी व पिंक बूथ आदि) पर संक्षेप में प्रकाश डाला। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रभावी पुलिसिंग में जन सहयोग अनिवार्य है। यह संतोष की बात है कि बड़ी संख्या में नागरिक शांति और सदभाव बनाए रखने और अपराध को नियंत्रित करने के लिए पुलिस से जुड़ रहे हैं और उनका समर्थन कर रहे हैं।
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दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस-2022 के मौके पर तरंगिनी कार्यक्रम के माध्यम से पूरी दिल्ली में 50 हजार महिलाओं से बात की। पुलिस आयुक्त से संवाद करने के लिए महिलाओं के लिए दिल्ली की सभी 1784 पुलिस बीट में वर्चुअल स्क्रीन (वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग) लगाई गई थी। इनमें से 300 बीट में ऐसी स्क्रीन लगी थी, जिसके जरिए महिलाओं ने आयुक्त से सीधे बात की।
पुलिस आयुक्त ने सभी के जवाबों का जवाब दिया। दिल्ली पुलिस के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि आयुक्त ने इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं से बात की है। राकेश अस्थाना ने इस मौके पर महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में दिल्ली पुलिस द्वारा की गई पहलों एक विवरणिका जारी की।
महिलाओं की सुरक्षा पर चर्चा करने के लिए वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बड़े पैमाने पर महिलाओं के साथ किसी पुलिस आयुक्त की यह पहली बातचीत है। इस दौरान आरडब्ल्यूए व कई पेशेवर क्षेत्र की महिला प्रतिनिधियों ने पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम का यूट्यूब और फेसबुक प्लेटफॉर्म के माध्यम से सीधा प्रसारण किया गया।
तरंगिनी कार्यक्रम के उद्घाटन मौके पर पुलिस आयुक्त ने कहा कि महिलाएं आने वाले दिनों में राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगी और उनके मन में पूर्ण सुरक्षा और सुरक्षा की भावना होगा। उन्होंने कहा कि महिला दिवस को वर्ष में केवल एक विशिष्ट दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके प्रति सम्मान और समानता के मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए इसे हर दिन मनाया जाना चाहिए। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना समाज की अच्छी प्रगति की कल्पना नहीं कर सकते।
एक महिला ने पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना से पूछा कि दुष्कर्म व छेड़छाड़ के आरोपियों को जमानत जल्दी कैसे मिली जाती है। इस पर पुलिस आयुक्त ने जवाब देते हुए कहा कि पुलिस ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त धाराओं में मामला दर्ज करती है। मगर आपराधिक न्यायिक प्रणाली के प्रावधानों के तहत जमानत पर रिहा कर दिया जाता है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि जमानत पर रिहा हुए ऐसे अपराधियों पर निगरानी रखने के लिए एक अच्छी व्यवस्था है। साइबर अपराध से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस का एक मजबूत एकीकृत ढांचा है। दिल्ली पुलिस ने क्लस्टर क्षेत्रों में नियमित अंतराल पर जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए हैं और लैंगिक संवेदनशील मुद्दों पर जागरूकता फैलाने के लिए नुक्कड़ नाटक और माइम शो की व्यवस्था की जाती है। दूसरी महिला ने सवाल पूछा था कि दिल्ली पुलिस में महिलाओं की 50 फीसदी तक भर्ती हो रही है। इस पर पुलिस आयुक्त ने कहा कि 50 फीसदी तो नहीं मगर महिलाओं की ज्यादा से ज्यादा भर्ती हो रही है।