फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   high court summons record related early release of Chautala

दिल्ली सरकार को हाईकोर्ट का निर्देश: चौटाला की रिहाई के मुद्दे पर संबंधित रिकॉर्ड करे पेश, पैरौल अवधि 12 अपैल तक बढ़ाई

Tue, 09 Mar 2021 12:56 AM IST
नोएडा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Tue, 09 Mar 2021 12:56 AM IST
सार

-विशेष सीबीआई अदालत ने चौटाला को जनवरी 2013 में दस साल कैद की सजा सुनाई थी
-चौटाला ने अपनी उम्र और दिव्यांगता के आधार पर जेल से रिहाई की मांग की है

विज्ञापन
high court summons record related early release of Chautala
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला

विस्तार

हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में सजा काट रहे हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला को रिहा करने के मुद्दे पर दिल्ली सरकार को संबंधित रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया है। इतना ही नहीं अदालत ने चौटाला की पैरोल अवधि भी 12 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दी है। विशेष सीबीआई अदालत ने चौटाला को जनवरी 2013 में दस साल कैद की सजा सुनाई थी।
विज्ञापन


न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल एवं न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की खंडपीठ चौटाला की बुजुर्गों एवं दिव्यांगता के आधार पर समय से पूर्व रिहाई की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है। चौटाला ने अधिवक्ता अमित साहनी के जरिये कहा है कि उनकी रिहाई के संबंध में हाईकोर्ट ने नवंबर 2019 एवं फरवरी 2020 में दिल्ली सरकार को उचित फैसला लेने का निर्देश दिया था। सरकार ने अब तक कोई फैसला नहीं किया है।
विज्ञापन


चौटाला ने अपनी उम्र और दिव्यांगता के आधार पर जेल से रिहाई की मांग की गई है। इससे पहले दायर याचिका में चौटाला ने केंद्र सरकार के 18 जुलाई, 2018 की अधिसूचना का हवाला दिया था। अधिसूचना के तहत 60 साल से ज्यादा उम्र पार कर चुके पुरुष, 70 फीसदी वाले दिव्यांग व बच्चे अगर अपनी आधी सजा काट चुके हैं तो राज्य सरकार उसकी रिहाई पर विचार कर सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


याचिका में चौटाला ने कहा है कि उनकी उम्र 86 साल की हो गई है और भ्रष्टाचार के मामले में वे सात साल की सजा काट चुके हैं। चौटाला ने यह भी दावा किया था कि वह अप्रैल 2013 में 60 फीसदी दिव्यांग हो चुके थे और जून 2013 में पेसमेकर लगाए जाने के बाद से वह 70 फीसदी से ज्यादा दिव्यांग हो चुके हैं। इस तरह से वे केंद्र सरकार के जल्दी रिहाई की सभी शर्तों को पूरा कर रहे हैं।

हालांकि, दिल्ली सरकार ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि यह भ्रष्टाचार का मामला है और भारत सरकार की अधिसूचना इस पर लागू नहीं होती। जबकि चौटाला ने दलील दी थी कि उन्हें रिहा किया जाना चाहिए क्योंकि भ्रष्टाचार के मामले में उनकी सात साल की सजा पूरी हो चुकी है।


वर्ष 2000 के 3206 जूनियर शिक्षक भर्ती मामले में विशेष सीबीआई अदालत ने वर्ष 2013 में ओपी चौटाला, उनके बेटे अजय चौटाला समेत 53 लोगों के खिलाफ सजा सुनाई थी। इसमें तत्कालीन प्राथमिक शिक्षा के निदेशक आईएएस अधिकारी संजीव कुमार भी शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed