फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   High Court sought answers from Center and others on issue of dignified burial and cremation of dead bodies in the Corona epidemic

कोरोना महामारी: शवों को सम्मानजनक रूप से दफनाने और दाह संस्कार के मुद्दे पर केंद्र व अन्य से जवाब तलब

Tue, 27 Jul 2021 11:19 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 27 Jul 2021 11:19 PM IST
सार

मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने सभी पक्षों को इस मामले में नए सिरे से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए छह सितंबर तक का समय दिया है।
 

विज्ञापन
High Court sought answers from Center and others on issue of dignified burial and cremation of dead bodies in the Corona epidemic
कोरोना का कहर - फोटो : पीटीआई

विस्तार

उच्च न्यायालय ने कोविड-19 के मद्देनजर शवों को सम्मानजनक रूप से दफनाने, दाह संस्कार की मांग संबंधी याचिकाओं पर केंद्र, दिल्ली सरकार व अन्य पक्षों को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याची ने तीसरी लहर की संभावना के मद्देनजर इनकी संख्या में वृद्घि करने का आग्रह किया है।
विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने सभी पक्षों को इस मामले में नए सिरे से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए छह सितंबर तक का समय दिया है।
विज्ञापन


याचिकाकर्ता की और से पेश अधिवक्ता स्निग्धा सिंह ने अदालत को बताया कि संबंधित पक्षों द्वारा प्रदान किए गए श्मशान, कब्रिस्तान के आंकड़ों में 'स्पष्ट अनियमितताएं' हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि कोविड-मौतों की संख्या में कमी के चलते अब मुद्दे की ज्यादा अहमितयत नहीं रही लेकिन यह आवश्यक है कि संभावित तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए पर्याप्त कदम उठाए जाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मई माह में दायर याचिका में कोरोना संक्रमण में अत्याधिक मौत को लेकर अंतिम संस्कार और दफनाने के लिए शमशान घाट और कब्रिस्तानों की उचित व्यवस्था करने को लेकर याचिका दाखिल की गई थी। अदातल ने केंद्र सरकार एवं दिल्ली सरकार के अलावा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और सभी नगर निगमों को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

याचिकाकर्ता ने पीठ से सरकार और नगर निगमों को लकड़ी व अन्य सामग्री की आपर्ति सुनिश्चित करने का आदेश देने की भी मांग की थी। साथ ही विद्युत शवदाहगृहों की संख्या भी बढ़ाने की मांग की थी। अदालत अधिवक्ता प्रत्यूष प्रसन्न की याचिका पर सुनवाई कर रही है।

अधिवक्ता स्निग्धा सिंह के माध्यम से दाखिल याचिका में कहा गया है कि अस्पतालों में बिस्तरों और जांच किट तथा ऑक्सीजन आपूर्ति जैसे अन्य सामान की भारी कमी के कारण देश में, खासकर राजधानी क्षेत्र में लोगों की बड़ी संख्या में मौत हो रही है।

इसके चलते शमशान घाट में शवों के अंतिम संस्कार में काफी परेशानी हो रही है। लोगों को इसके लिए लंबा इंतजार करना पड़ा रहा है। साथ ही कब्रिस्तान भी भर गए हैं और अब वहां भी जगह कम पड़ने लगे हैं। ऐसे में शमशान घाट और कब्रिस्तानों की संख्या अस्थायी तौर पर बढ़ाया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed