{"_id":"610c38338ebc3ebb722e49b3","slug":"high-court-seeks-response-over-filling-up-the-post-of-atpmla-president-ashram-news-noi5977350148","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट ने एटीपीएमएलए में अध्यक्ष की नियुक्ति पर केंद्र से मांगा जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट ने एटीपीएमएलए में अध्यक्ष की नियुक्ति पर केंद्र से मांगा जवाब
विज्ञापन
नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने कहा कि वे केंद्र से यह सुनिश्चित करने की उम्मीद करता है कि राष्ट्रीय राजधानी में अपीलीय न्यायाधिकरण ऑफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (एटीपीएमएलए) को 14 सितंबर तक काम करने लगेगा। वहीं अदालत ने दो वर्ष से अध्यक्ष की नियुक्ति न होने पर केंद्र को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने कहा पीएमएलए न्याय निर्णयन प्राधिकरण द्वारा पारित निर्णयों को लेकर हर दिन उनके समक्ष कई याचिकाएं दायर की जा रही हैं क्योंकि कोरम के अभाव में अपीलीय न्यायाधिकरण द्वारा अपीलीय कार्यवाही नहीं की जा रही है। वहीं केंद्र सरकार के अधिवक्ता ने बताया कि सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।
अदालत ने मामले की सुनवाई 14 सितंबर तय करते हुए कहा उन्हें आशा है कि अगली सुनवाई तक ट्रिब्यूनल काम शुरू कर देगा। अदालत फुलर्टन इंडिया क्रेडिट कंपनी लिमिटेड द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है।
विज्ञापन
याचिका में मनी लॉन्ड्रिंग सहित विभिन्न कानूनों के तहत आर्थिक अपराध के मामलों से निपटने के लिए पीएमएलए के तहत गठित अपीलीय न्यायाधिकरण में अध्यक्ष को पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश देने की मांग की है।
अधिवक्ता जगदीप शर्मा के जरिये दायर याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता एक नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी है और भारत में विभिन्न प्रकार की ऋण सुविधाओं का विस्तार करने के कारोबार में है। याची ने कहा ट्रिब्यूनल में दो साल से अधिक समय से अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं होने के बावजूद एटीपीपीएमएलए के अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए सरकार की निष्क्रियता के खिलाफ उन्हें अदालत में आना पड़ा।
याची ने कहा उनके मामले में एक साल से अधिक समय से सुनवाई नहीं हुई क्योंकि वहां अध्यक्ष होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा इसमें उच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की नियुक्ति बतौर अध्यक्ष होती है जबकि चार सदस्य, जो कानून, वित्त और प्रबंधन के क्षेत्र से होते हैं।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने कहा पीएमएलए न्याय निर्णयन प्राधिकरण द्वारा पारित निर्णयों को लेकर हर दिन उनके समक्ष कई याचिकाएं दायर की जा रही हैं क्योंकि कोरम के अभाव में अपीलीय न्यायाधिकरण द्वारा अपीलीय कार्यवाही नहीं की जा रही है। वहीं केंद्र सरकार के अधिवक्ता ने बताया कि सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन
अदालत ने मामले की सुनवाई 14 सितंबर तय करते हुए कहा उन्हें आशा है कि अगली सुनवाई तक ट्रिब्यूनल काम शुरू कर देगा। अदालत फुलर्टन इंडिया क्रेडिट कंपनी लिमिटेड द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है।
विज्ञापन
याचिका में मनी लॉन्ड्रिंग सहित विभिन्न कानूनों के तहत आर्थिक अपराध के मामलों से निपटने के लिए पीएमएलए के तहत गठित अपीलीय न्यायाधिकरण में अध्यक्ष को पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश देने की मांग की है।
अधिवक्ता जगदीप शर्मा के जरिये दायर याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता एक नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी है और भारत में विभिन्न प्रकार की ऋण सुविधाओं का विस्तार करने के कारोबार में है। याची ने कहा ट्रिब्यूनल में दो साल से अधिक समय से अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं होने के बावजूद एटीपीपीएमएलए के अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए सरकार की निष्क्रियता के खिलाफ उन्हें अदालत में आना पड़ा।
याची ने कहा उनके मामले में एक साल से अधिक समय से सुनवाई नहीं हुई क्योंकि वहां अध्यक्ष होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा इसमें उच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की नियुक्ति बतौर अध्यक्ष होती है जबकि चार सदस्य, जो कानून, वित्त और प्रबंधन के क्षेत्र से होते हैं।