{"_id":"604d16af8ebc3ee653329c5c","slug":"high-court-refuses-to-grant-bail-to-accused-of-double-murder-ashram-news-noi571131667","type":"story","status":"publish","title_hn":"दोहरे हत्याकांड के आरोपी को जमानत देने से हाईकोर्ट का इनकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दोहरे हत्याकांड के आरोपी को जमानत देने से हाईकोर्ट का इनकार
विज्ञापन
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने दोहरे हत्याकांड के आरोपी को जमानत प्रदान करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि आरोपी पर दो बुजुर्गों की हत्या के जघन्य अपराध में लिप्त होने का आरोप है। अदालत ने कहा कि आरोपी ने 50 हजार रुपये लेकर दो बुजुर्गों की हत्या जैसा जघन्य अपराध किया है। ऐसे में उसे जमानत नहीं दी जा सकती।
न्यायमूर्ति सुब्रामण्यम प्रसाद ने अपने फैसले में आरोपी राघविन्द्र सिंह के उस तर्क को खारिज कर दिया कि उसे फर्जी मामले में फंसाया गया है और सीसीटीवी फुटेज में उसकी कोई भूमिका नहीं दिख रही। इसके अलावा सह-आरोपी को जमानत मिल चुकी है। अदालत ने कहा पेश साक्ष्यों से स्पष्ट है कि आरोपी ने बुजुर्ग दंपती की हत्या उन्हीं की बहन व बहनोई के साथ मिल कर की थी ताकि संपत्ति पर कब्जा किया जा सके।
अदालत ने कहा मृतक के अन्य बच्चों ने आरोपी की पहचान की है। इसके अलावा सह-आरोपी की हत्या में मुख्य भूमिका नहीं थी। इसी कारण उसे जमानत प्रदान की गई थी। अदालत ने कहा कि कहा दस्तावेज से स्पष्ट है कि आरोपी ने अन्य आरोपियों के साथ 15 दिनों में 67 बार फोन पर बात की थी ताकि हत्या के षड्यंत्र को अंजाम दिया जा सके।
विज्ञापन
पेश मामला पश्चिम विहार थाना क्षेत्र का है। पुलिस को 8 मार्च 2019 को सैयद नांगलोई नाले के पास जागीर सिंह व गुरमीत कौर के शव बरामद हुए थे। मृतकों के बच्चों ने बहन देवेन्द्र कौर व उसके पति प्रिंस दीक्षित पर संदेह जताते हुए कहा कि संपत्ति पर कब्जा करने के लिए हत्या करवाई गई है।
पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ की। उन्होंने अपराध स्वीकार करते हुए कहा कि लखनऊ निवासी राघविन्द्र सिंह को हत्या के लिए 50 हजार रुपये दिए थे। इस मामले में उसका दोस्त दिवाकर भी शामिल था।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति सुब्रामण्यम प्रसाद ने अपने फैसले में आरोपी राघविन्द्र सिंह के उस तर्क को खारिज कर दिया कि उसे फर्जी मामले में फंसाया गया है और सीसीटीवी फुटेज में उसकी कोई भूमिका नहीं दिख रही। इसके अलावा सह-आरोपी को जमानत मिल चुकी है। अदालत ने कहा पेश साक्ष्यों से स्पष्ट है कि आरोपी ने बुजुर्ग दंपती की हत्या उन्हीं की बहन व बहनोई के साथ मिल कर की थी ताकि संपत्ति पर कब्जा किया जा सके।
विज्ञापन
अदालत ने कहा मृतक के अन्य बच्चों ने आरोपी की पहचान की है। इसके अलावा सह-आरोपी की हत्या में मुख्य भूमिका नहीं थी। इसी कारण उसे जमानत प्रदान की गई थी। अदालत ने कहा कि कहा दस्तावेज से स्पष्ट है कि आरोपी ने अन्य आरोपियों के साथ 15 दिनों में 67 बार फोन पर बात की थी ताकि हत्या के षड्यंत्र को अंजाम दिया जा सके।
विज्ञापन
पेश मामला पश्चिम विहार थाना क्षेत्र का है। पुलिस को 8 मार्च 2019 को सैयद नांगलोई नाले के पास जागीर सिंह व गुरमीत कौर के शव बरामद हुए थे। मृतकों के बच्चों ने बहन देवेन्द्र कौर व उसके पति प्रिंस दीक्षित पर संदेह जताते हुए कहा कि संपत्ति पर कब्जा करने के लिए हत्या करवाई गई है।
पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ की। उन्होंने अपराध स्वीकार करते हुए कहा कि लखनऊ निवासी राघविन्द्र सिंह को हत्या के लिए 50 हजार रुपये दिए थे। इस मामले में उसका दोस्त दिवाकर भी शामिल था।