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300 साल पुराने बरगद का संरक्षण नहीं करने पर अधिकारियों को फटकार
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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने नई सड़क के 300 साल पुराने बरगद के वृक्ष को संरक्षित करने के आदेश का अनुपालन ना करने पर दिल्ली सरकार और उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों को फटकार लगाई है। इससे पहले पीठ ने बरगद के आसपास किए गए अवैध निर्माण को हटाने का आदेश दिया था। पीठ ने मामले में अगली सुनवाई 27 नवंबर के लिए सूचीबद्ध की है।
न्यायमूर्ति नजमी वजीरी की एकल पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार और उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी क्यों न किया जाए? पीठ ने कहा स्पष्ट होता है कि अधिकारियों ने जानबूझकर आदेश की अवज्ञा की है। पीठ ने कहा वृक्ष के आसपास निर्माण के लिए उसकी जड़ों को काट दिया गया और वहां सीमेंट लगा दिया। इस कंक्रीट को हटाने के आदेश के बावजूद अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण नहीं किया।
कोर्ट ने गौर किया कि याचिकाकर्ता की ओर से पेश की गई तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि वृक्ष के आसपास अभी भी कंक्रीट है, जिसकी वजह से वृक्ष का अस्तित्व खतरे में हैं। पीठ ने कहा कि यह वृक्ष एक धरोहर है और इसे संरक्षित करना आवश्यक है। पीठ ने वृक्ष के आसपास की वर्तमान स्थिति को लेकर उत्तरी दिल्ली निगमायुक्त और दिल्ली सरकार को शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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यह याचिका नई सड़क के एक कारोबारी नितिन गुप्ता की ओर से दायर की गई है। इस बरगद के वृक्ष के आसपास हो रहे अवैध निर्माण की वजह से नितिन गुप्ता की दुकान में दरारें पड़ गई हैं। इसके विरोध में उन्होंने अवैध निर्माण पर रोक लगाने और वृक्ष को सरंक्षित करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही एक अन्य दुकानदार कुश्माकर रस्तोगी ने भी इस वृक्ष को संरक्षित करने के लिए याचिका दायर की है।
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न्यायमूर्ति नजमी वजीरी की एकल पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार और उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी क्यों न किया जाए? पीठ ने कहा स्पष्ट होता है कि अधिकारियों ने जानबूझकर आदेश की अवज्ञा की है। पीठ ने कहा वृक्ष के आसपास निर्माण के लिए उसकी जड़ों को काट दिया गया और वहां सीमेंट लगा दिया। इस कंक्रीट को हटाने के आदेश के बावजूद अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण नहीं किया।
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कोर्ट ने गौर किया कि याचिकाकर्ता की ओर से पेश की गई तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि वृक्ष के आसपास अभी भी कंक्रीट है, जिसकी वजह से वृक्ष का अस्तित्व खतरे में हैं। पीठ ने कहा कि यह वृक्ष एक धरोहर है और इसे संरक्षित करना आवश्यक है। पीठ ने वृक्ष के आसपास की वर्तमान स्थिति को लेकर उत्तरी दिल्ली निगमायुक्त और दिल्ली सरकार को शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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यह याचिका नई सड़क के एक कारोबारी नितिन गुप्ता की ओर से दायर की गई है। इस बरगद के वृक्ष के आसपास हो रहे अवैध निर्माण की वजह से नितिन गुप्ता की दुकान में दरारें पड़ गई हैं। इसके विरोध में उन्होंने अवैध निर्माण पर रोक लगाने और वृक्ष को सरंक्षित करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही एक अन्य दुकानदार कुश्माकर रस्तोगी ने भी इस वृक्ष को संरक्षित करने के लिए याचिका दायर की है।